
नई दिल्ली: ब्रेस्ट कैंसर का जल्द पता लगाना अब उतना ही आसान होगा, जितना आज ब्लड प्रेशर चेक करना। MIT के वैज्ञानिकों ने एक छोटा और पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड डिवाइस तैयार किया है, जो स्मार्टफोन जितना छोटा है और घर या डॉक्टर के क्लिनिक में आसानी से इस्तेमाल किया जा सकता है।
छोटा लेकिन शक्तिशाली
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यह डिवाइस सिर्फ 500 ग्राम से हल्का है और 3D इमेजिंग कर सकता है।
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आकार में यह स्मार्टफोन जितना छोटा है, जबकि प्रोसेसिंग मॉड्यूल फोन से थोड़ा बड़ा है।
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निर्माण में खर्च मात्र 300 डॉलर (लगभग ₹25,000) आया।
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इसे लैपटॉप या फोन से कनेक्ट कर 3D इमेज देखी जा सकती हैं।
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डिवाइस को चलाने के लिए ज्यादा बिजली की जरूरत नहीं; साधारण 5V DC अडैप्टर या बैटरी पर्याप्त है।
कैसे काम करता है डिवाइस?
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स्टैंडर्ड अल्ट्रासाउंड मशीन की तुलना में, यह डिवाइस त्वचा के ऊपर धीरे से रखा जाता है।
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15 सेंटीमीटर तक स्कैन कर सकता है।
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पूरे ब्रेस्ट का डेटा 2-3 जगहों से स्कैन करके सटीक जानकारी निकालता है।
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टेस्टिंग में 71 वर्षीय महिला पर इसे आजमाया गया, और डिवाइस ने गांठों (सिस्ट) की सटीक पहचान की।
AI और भविष्य की तैयारी
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वैज्ञानिक इस तकनीक को और छोटा करने पर काम कर रहे हैं, ताकि डेटा प्रोसेसिंग सिस्टम नाखून के बराबर हो।
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आने वाले समय में यह डिवाइस सीधे स्मार्टफोन से कनेक्ट होगा।
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AI-बेस्ड ऐप भी बनाया जा रहा है, जो यूजर को बताएगा कि सेंसर को शरीर पर कहां रखना है।
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प्रोफेसर कानन दागदेविरेन और उनकी टीम इस तकनीक को बाजार में लाने की तैयारी कर रही है। उनका उद्देश्य है कि ब्रेस्ट कैंसर की पहचान घर बैठे उतनी ही आसान हो जाए, जितना ब्लड प्रेशर चेक करना।
यह डिवाइस खासकर उन महिलाओं के लिए वरदान साबित हो सकता है, जो दूरदराज के इलाकों में रहती हैं, जहां अल्ट्रासाउंड सुविधा उपलब्ध नहीं होती।