
भारत के महत्वाकांक्षी AMCA (एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्रॉफ्ट) प्रोग्राम में अब निजी कंपनियां ही लड़ाकू विमान विकसित करेंगी। इसके लिए टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड, लार्सन एंड टुब्रो और भारत फोर्ज को शॉर्टलिस्ट किया गया है। इन कंपनियों को अप्रैल 2026 तक रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल (RFP) प्रस्तुत करनी होगी।
HAL इस रेस से बाहर
हालांकि, हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) इस रेस से बाहर हो गई है। इसके पीछे मुख्य कारण यह बताया गया है कि HAL पहले से LCA तेजस और 156 अतिरिक्त LCH हेलीकॉप्टरों के उत्पादन में व्यस्त है। इसके अलावा, HAL के पास पहले से ही अन्य बड़े रक्षा अनुबंध हैं, जिससे उसे AMCA प्रोजेक्ट के लिए समय और संसाधन उपलब्ध नहीं हैं।
AMCA प्रोजेक्ट की महत्वाकांक्षा
AMCA प्रोजेक्ट के तहत 25 टन का दोहरे इंजन वाला पांचवीं पीढ़ी का स्टेल्थ लड़ाकू विमान विकसित किया जाएगा। यह विमान भारतीय वायुसेना, नौसेना और थलसेना की आवश्यकताओं के अनुसार डिजाइन किया जाएगा। प्रोजेक्ट को रक्षा मंत्रालय ने मार्च 2024 में मंजूरी दी थी।
-
प्रोटोटाइप निर्माण: 2026 के अंत से 2028 तक
-
पहली उड़ान: 2028-29 के बीच
-
बड़े पैमाने पर उत्पादन: 2030-32
-
भारतीय वायुसेना में शामिल: 2034-35
बोली प्रक्रिया और चयन
AMCA के लिए शुरू हुई बोली में कुल 7 कंपनियां थीं, जिनमें से 3 को शॉर्टलिस्ट किया गया। चयन में कंपनियों की तकनीकी विशेषज्ञता, विनिर्माण क्षमता, विकास अनुभव और वित्तीय मजबूती का मूल्यांकन किया गया।
फाइनल विजेता और प्रोटोटाइप निर्माण
चयनित विजेता कंपनी को एयरोनॉटिकल डेवलपमेंट एजेंसी (ADA) के साथ मिलकर AMCA के 5 प्रोटोटाइप विकसित करने होंगे। प्रोटोटाइप निर्माण के लिए 15,000 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है।
रणनीतिक महत्व
AMCA विमानों के बेड़े में शामिल होने के बाद, चीन और पाकिस्तान किसी भी नापाक हरकत से पहले सोचने को मजबूर होंगे। यह प्रोजेक्ट भारतीय रक्षा क्षेत्र में निजी क्षेत्र की भागीदारी और स्वदेशी रक्षा उत्पादन क्षमता को भी मजबूती देगा।