Thursday, February 5

सोने में रिकॉर्ड तेजी: अमेरिका से सीधा कनेक्शन, जानें आगे क्या रह सकते हैं हालात

शादियों के सीजन में सोने की कीमतों में लगातार तेजी जारी है। ग्लोबल मार्केट में पिछले साल सोने की कीमतें लगभग 70% और भारत में 76% बढ़ चुकी हैं। हालांकि इस तेजी का मुख्य कारण अंतरराष्ट्रीय है।

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विशेषज्ञों के अनुसार, सोने की कीमतों में उछाल का सबसे बड़ा कारण वैश्विक केंद्रीय बैंकों द्वारा सोने की खरीद में वृद्धि है। कोरोना महामारी के बाद दुनिया के लगभग सभी केंद्रीय बैंक अपने विदेशी मुद्रा भंडार में डॉलर की तुलना में सोने का हिस्सा बढ़ा रहे हैं। IMF के हालिया आंकड़े बताते हैं कि 1999 में विश्व केंद्रीय बैंकों के खजानों का 71% हिस्सा डॉलर या अमेरिकी बॉन्ड्स का था, जो 2024 आते-आते घटकर 58.5% रह गया।

डॉलर की नरमी और अंतरराष्ट्रीय दबाव
डॉलर का बाजार मूल्य दुनिया की अन्य प्रमुख मुद्राओं जैसे यूरो, पाउंड, येन और युआन के मुकाबले गिरा है। 2025 में डॉलर लगभग 10% सस्ता हुआ। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इसे निर्यात बढ़ाने के लिए अच्छा मानते हैं, लेकिन वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए यह चिंता का विषय है।

विश्लेषकों के अनुसार, डॉलर के कमजोर होने और सोने की खरीद में तेजी का सीधा असर भारतीय अर्थव्यवस्था पर पड़ा है। डॉलर कमजोर होने से रुपया स्थिर रहा और विदेशी मुद्रा भंडार में सोने का हिस्सा बढ़कर 17% हो गया।

इतिहास की तुलना
इतिहास में भी वैश्विक संकटों के समय सोने की कीमतों में तेजी देखने को मिली थी। 1974 में ब्रेटन-वुड्स समझौते के समाप्त होने, 1979-80 में ईरान की इस्लामी क्रांति और 2010 की अमेरिकी वित्तीय महामंदी के दौरान सोने ने रिकॉर्ड वृद्धि दर्ज की थी।

ट्रंप और अंतरराष्ट्रीय प्रणाली का असर
विश्लेषकों का कहना है कि अमेरिकी नीतियों, खासकर ट्रंप की तुनकमिजाजी और SWIFT प्रणाली पर अमेरिका के नियंत्रण ने भी डॉलर की साख को प्रभावित किया है। इसकी वजह से वैश्विक मुद्रा लेन-देन अब कई बार डॉलर के बजाय अन्य मुद्राओं और सोने में हो रहा है।

भारत को फायदा
महंगा सोना और सस्ता डॉलर भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए फिलहाल फायदेमंद साबित हुआ है। वैश्विक बाजार में रुपये की स्थिति इससे मजबूत रही और विदेशी मुद्रा भंडार में वृद्धि हुई।

विशेषज्ञों का मानना है कि सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है, लेकिन डॉलर की नरमी और वैश्विक केंद्रीय बैंकों की सोने की खरीद इसके मुख्य कारक बने रहेंगे।

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