Wednesday, February 4

वाराणसी में STF एनकाउंटर: एक लाख का इनामी बनारसी यादव ढेर, महेंद्र गौतम हत्याकांड में था वांटेड

वाराणसी। उत्तर प्रदेश के वाराणसी में मंगलवार देर रात एसटीएफ (STF) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक लाख रुपये के इनामी बदमाश बनारसी यादव (45) को मुठभेड़ में मार गिराया। यह एनकाउंटर सारनाथ थाना क्षेत्र के बरियासनपुर इलाके में हुआ। बनारसी यादव पर हत्या, लूट समेत कई गंभीर आपराधिक मामले दर्ज थे और वह लंबे समय से पुलिस को वांछित था।

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जानकारी के मुताबिक, बनारसी यादव कॉलोनाइजर महेंद्र गौतम हत्याकांड में मुख्य आरोपी था। पुलिस के अनुसार, उसने अपने साथियों के साथ मिलकर 21 अगस्त 2025 को सारनाथ के अरिहंत नगर कॉलोनी फेज-2 में महेंद्र गौतम की गोली मारकर हत्या कर दी थी। हत्या के लिए उसने पांच लाख रुपये की सुपारी ली थी।

सूचना मिलते ही STF ने बिछाया जाल

एसटीएफ को सूचना मिली थी कि बनारसी यादव किसी वारदात को अंजाम देने के लिए बरियासनपुर के रास्ते दयालपुर की ओर जा रहा है। इस इनपुट पर एसटीएफ टीम ने इलाके में घेराबंदी कर दी।

एएसपी विनोद सिंह के अनुसार, इंस्पेक्टर अमित श्रीवास्तव और इंस्पेक्टर अनिल कुमार सिंह अपनी टीम के साथ मौके पर तैनात थे। इसी दौरान बाइक से दो बदमाश आते दिखे। पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया, लेकिन बाइक सवार भागने लगे।

दोनों हाथों से कर रहा था फायरिंग, STF ने किया जवाबी हमला

बताया जा रहा है कि बाइक के पीछे बैठा बनारसी यादव अचानक एसटीएफ टीम पर गोलियां चलाने लगा। हैरान करने वाली बात यह रही कि वह दोनों हाथों में पिस्टल लेकर लगातार फायरिंग कर रहा था। उसके पास प्वाइंट-30 और प्वाइंट-32 पिस्टल थी।

फायरिंग के दौरान इंस्पेक्टर अनिल कुमार सिंह और इंस्पेक्टर अमित श्रीवास्तव को भी गोली लगी, लेकिन दोनों ने बुलेटप्रूफ जैकेट पहन रखी थी, जिससे उनकी जान बच गई।

इसके बाद एसटीएफ ने जवाबी कार्रवाई की, जिसमें बनारसी यादव के सीने में गोली लगी और वह बाइक से गिर पड़ा। उसे तत्काल जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

मौके का फायदा उठाकर दूसरा बदमाश बाइक लेकर फरार हो गया।

हत्या-लूट समेत 21 मुकदमे दर्ज, सुपारी किलर के रूप में थी पहचान

बनारसी यादव गाजीपुर जिले के करंडा थाना क्षेत्र के गौरहट गांव का रहने वाला था। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, वह पिछले दो दशकों से अपराध की दुनिया में सक्रिय था और उसकी पहचान एक सुपारी किलर के रूप में बन चुकी थी।

उसके खिलाफ हत्या, लूट, गैंगवार सहित कुल 21 आपराधिक मामले दर्ज थे। पुलिस ने उसके पास से दो पिस्टल और भारी मात्रा में कारतूस बरामद किए हैं।

2015 में कार्बाइन फायरिंग से दो की हत्या, 2022 में गुजरात से हुआ था गिरफ्तार

बनारसी यादव वर्ष 2015 में उस समय चर्चा में आया था, जब उसने अपने साथियों के साथ कार्बाइन से अंधाधुंध फायरिंग कर दो लोगों की हत्या कर दी थी। इसके बाद वह उत्तर प्रदेश छोड़कर फरार हो गया था।

उस समय पुलिस ने उस पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। बाद में जून 2022 में एसटीएफ ने उसे गुजरात के बलसाड़ से गिरफ्तार किया था। जेल से जमानत पर छूटने के बाद उसने फिर से अपना गिरोह सक्रिय कर लिया।

50 करोड़ की जमीन विवाद में हुई थी कॉलोनाइजर की हत्या

महेंद्र गौतम हत्याकांड के पीछे जमीन विवाद सामने आया था। पुलिस के अनुसार, अरिहंत नगर में करीब 40 बिस्वा जमीन (करीब 50 करोड़ रुपये मूल्य) को लेकर विवाद चल रहा था।

इस हत्या की साजिश मुंबई में रहने वाले बिल्डर और प्रॉपर्टी डीलर जोगेंद्र यादव उर्फ फैटू ने रची थी। पुलिस ने बताया कि फैटू ने बनारसी यादव को हत्या की सुपारी दी थी।

इस मामले में अन्य आरोपी संपूर्णानंद शुक्ला उर्फ चंदन शुक्ला और पूर्व प्रधान श्यामप्रकाश राजभर उर्फ रेखा प्रधान को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है।

इनाम बढ़ाकर किया गया था एक लाख, लगातार थी तलाश

महेंद्र गौतम की हत्या के बाद से बनारसी यादव पुलिस की लगातार तलाश में था। नवंबर 2025 में उस पर घोषित इनाम को बढ़ाकर एक लाख रुपये कर दिया गया था। पुलिस को आशंका थी कि वह किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में था, लेकिन इससे पहले ही STF ने उसे मुठभेड़ में ढेर कर दिया।

(अखबार के लिए अंतिम लाइन)

एसटीएफ की इस कार्रवाई को वाराणसी और पूर्वांचल में अपराध पर बड़ी चोट माना जा रहा है। वहीं, फरार बदमाश की तलाश में पुलिस ने दबिश तेज कर दी है।

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