Wednesday, February 4

फेसबुक दोस्ती बना मौत का कारण: दिल्ली की युवती की हत्या करने वाले सद्दाम हुसैन को उम्रकैद, 31 हजार जुर्माना

मथुरा। सोशल मीडिया पर दोस्ती के बाद भरोसे का कत्ल करने वाले आरोपी को आखिरकार कानून ने उसके अंजाम तक पहुंचा दिया। फेसबुक के जरिए दिल्ली की एक युवती से दोस्ती कर उसे मिलने के बहाने मथुरा बुलाकर बेरहमी से हत्या करने वाले दोषी सद्दाम हुसैन को अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही कोर्ट ने आरोपी पर 31 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।

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यह फैसला मथुरा की एडीजे-04 अदालत ने मथुरा पुलिस की प्रभावी पैरवी और मजबूत साक्ष्यों के आधार पर सुनाया।

जुलाई 2023 का मामला, फेसबुक से शुरू हुई दोस्ती

यह सनसनीखेज घटना जुलाई 2023 की है। दिल्ली के सराय काले खां इलाके की रहने वाली जौरा खातून की फेसबुक पर मथुरा निवासी सद्दाम हुसैन से दोस्ती हुई थी। बातचीत बढ़ने के बाद सद्दाम ने युवती को दवा दिलाने और मिलने का बहाना बनाकर फोन किया और मथुरा बुला लिया।

लेकिन मथुरा पहुंचते ही आरोपी ने युवती के साथ धोखा किया और कैंट स्थित काली मंदिर के पास उस पर चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल युवती को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

मरने से पहले बयान देकर खोली आरोपी की पोल

इस मामले में सबसे अहम बात यह रही कि युवती ने मौत से पहले पुलिस को दिए बयान में आरोपी का नाम और पहचान बता दी थी। इसी बयान के आधार पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ कार्रवाई तेज की और केस को मजबूत तरीके से अदालत में प्रस्तुत किया।

ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत चला अभियान

उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (DGP) द्वारा चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन कन्विक्शन’ अभियान के तहत मथुरा पुलिस ने इस केस को गंभीरता से लिया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) और लोक अभियोजक के समन्वय से अदालत में ठोस सबूत और गवाह पेश किए गए, जिससे आरोपी के खिलाफ मामला पूरी तरह साबित हो गया।

धारा 302 और आर्म्स एक्ट में दोषी करार

एडीजे-04 अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर सद्दाम हुसैन को हत्या (IPC धारा 302) और आर्म्स एक्ट के तहत दोषी ठहराया। कोर्ट ने कहा कि ऐसे जघन्य अपराधों में कड़ा संदेश देना समाज के लिए जरूरी है।

सजा सुनते ही जेल भेजा गया दोषी

सजा सुनाए जाने के बाद पुलिस ने आरोपी सद्दाम हुसैन को तुरंत जिला कारागार भेज दिया।

यह फैसला न सिर्फ पीड़िता को न्याय दिलाने वाला है, बल्कि सोशल मीडिया के जरिए होने वाले अपराधों के खिलाफ भी एक सख्त संदेश माना जा रहा है।

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