
जयपुर। राजस्थान के लाडनूं विधायक मुकेश भाकर अब कुंवारे नहीं रहेंगे। 9 मार्च को उनकी शादी कोमल मीणा से होने जा रही है, जो सिर्फ एक जीवनसाथी ही नहीं, बल्कि महिला सशक्तिकरण की मिसाल भी हैं। इस अनूठे संगम में ‘जनता की अदालत’ और ‘कानून की अदालत’ एक होने जा रही हैं।
कानून की जानकार और न्याय की पहरेदार
कोमल मीणा दौसा जिले की लालसोट तहसील के छोटे से गांव खुर्रा की रहने वाली हैं। 2019 बैच की राजस्थान न्यायिक सेवा (RJS) अधिकारी कोमल ने खुद संघर्ष और मेहनत से पहचान बनाई है। जहां विधायक भाकर जनता की अदालत में न्याय करते हैं, वहीं कोमल कानून की अदालत में न्याय करती हैं।
जोधपुर से जयपुर तक की शैक्षणिक यात्रा
कोमल ने अपनी स्नातक की पढ़ाई जोधपुर से पूरी की और इसके बाद कानून की उच्च शिक्षा के लिए राजस्थान विश्वविद्यालय, जयपुर पहुंचीं। यहां से उन्होंने एलएलएम की डिग्री हासिल की। जज बनने से पहले कोमल ने जयपुर हाईकोर्ट में वकालत भी की, जहां उन्होंने कानून की बारीकियों और दांव-पेंचों को करीब से समझा।
सादगी और संघर्ष की कहानी
कोमल का व्यक्तित्व सादगी और गंभीरता का अद्भुत मेल है। जहां मुकेश भाकर छात्र राजनीति और रैलियों के शोर-शराबे से आते हैं, वहीं कोमल ने शांत रहकर किताबों और फाइलों के बीच अपना मुकाम बनाया। 9 मार्च की शादी राजस्थान के लिए इसलिए भी खास है क्योंकि यह सियासत और न्यायपालिका का अनोखा गठबंधन है।
विधायक और न्यायिक अधिकारी का यह मिलन न केवल व्यक्तिगत जीवन में, बल्कि सामाजिक दृष्टिकोण से भी चर्चा का विषय बन गया है।