Monday, February 2

1200 किलो गांजा तस्करी केस में ड्राइवर-हेल्पर को 12-12 साल की सजा, विधानसभा चुनाव से पहले पकड़ी गई थी बड़ी खेप

जबलपुर। मध्यप्रदेश के अब तक के सबसे बड़े गांजा तस्करी मामलों में एनडीपीएस विशेष कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। करीब 1200 किलो गांजा तस्करी के मामले में ट्रक ड्राइवर महेश और हेल्पर मोहम्मद शकील को 12-12 साल के कठोर कारावास और डेढ़-डेढ़ लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई है। यह फैसला दो साल तक चली सुनवाई के बाद आया है।

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यह कार्रवाई 27 अगस्त 2023 को विधानसभा चुनाव से ठीक पहले जबलपुर के तिलवारा थाना क्षेत्र में की गई थी। उस समय थाना प्रभारी सरिता बर्मन पुलिस टीम के साथ वाहन चेकिंग कर रही थीं। इसी दौरान खुफिया सूचना मिली कि ओडिशा से महाराष्ट्र की ओर एक ट्रक में भारी मात्रा में गांजा ले जाया जा रहा है।

सूचना के आधार पर पुलिस ने घेराबंदी की। कुछ ही देर में CG 08 L-3830 नंबर का ट्रक तेज रफ्तार में आता दिखाई दिया। पुलिस के रोकने पर चालक ने भागने की कोशिश की, लेकिन घेराबंदी कर ट्रक को पकड़ लिया गया। तलाशी के दौरान ट्रक से लकड़ियों के नीचे छिपाकर रखा गया करीब 1200 किलो गांजा बरामद हुआ।

पुलिस जांच में सामने आया कि ट्रक को खास तरीके से मॉडिफाई किया गया था। ट्रक के केबिन में एक खुफिया रास्ता बनाया गया था, जहां गांजा के बड़े-बड़े पैकेट छिपाए गए थे। ट्रक खाली करने के लिए पुलिस को 40 मजदूरों की मदद लेनी पड़ी, तब जाकर तस्करी का पूरा जाल सामने आया।

एनडीपीएस कोर्ट ने मामले को गंभीर मानते हुए दोनों आरोपियों को दोषी ठहराया। पुलिस के अनुसार यह मध्यप्रदेश में गांजा तस्करी की अब तक की सबसे बड़ी बरामदगी में से एक है। मामले में कुछ आरोपी अभी भी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है।

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