
पुणे/बारामती, 1 फरवरी। महाराष्ट्र के दिवंगत उपमुख्यमंत्री अजित पवार के दुर्घटनाग्रस्त चार्टर्ड विमान का मलबा रविवार को बारामती एयरस्ट्रिप के पास से हटा दिया गया। विमान के जले और क्षतिग्रस्त हिस्सों को क्रेन की सहायता से एक बड़े ट्रेलर पर लादकर सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया, जहां उनकी फॉरेंसिक जांच की जाएगी। हादसे के दौरान विमान के टुकड़े जिन स्थानों पर गिरे थे, उनकी बाकायदा मार्किंग भी की गई।
गौरतलब है कि 28 जनवरी की सुबह 8:44 बजे अजित पवार का निजी लीयरजेट 45 विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। इस हादसे में कुल पांच लोगों की मृत्यु हुई थी। दुर्घटना के तुरंत बाद दिल्ली से एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) की टीम मौके पर पहुंची थी। उनके साथ नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) के अधिकारी भी मौजूद रहे। महाराष्ट्र सरकार ने समानांतर रूप से इस मामले की कानूनी जांच राज्य अपराध जांच विभाग (CID) को सौंपी है।
जांच की वर्तमान स्थिति
एएआईबी द्वारा तकनीकी पहलुओं की विस्तृत जांच की जा रही है, जिसकी अगुवाई ब्यूरो प्रमुख जी. वी. जी. युगंधर कर रहे हैं। डीजीसीए की टीम जांच में सहयोग कर रही है। वहीं, सीआईडी दुर्घटना से जुड़े कानूनी और प्रक्रियागत पहलुओं की जांच करेगी। जांच टीम ने विमान का ब्लैक बॉक्स बरामद कर लिया है, जिससे दुर्घटना के कारणों का पता लगाने में महत्वपूर्ण मदद मिलने की उम्मीद है।
प्रारंभिक जांच में खराब दृश्यता और घने कोहरे को संभावित कारण बताया गया था। यह भी सामने आया है कि विमान को पुणे डायवर्ट करने का विकल्प उपलब्ध था। केंद्रीय नागर विमानन मंत्रालय ने हादसे की निष्पक्ष और व्यापक जांच का आश्वासन दिया है।
अजित पवार के निधन के बाद राजकीय शोक समाप्त होने पर 31 जनवरी को उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार ने उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली।
पिछले वर्ष अहमदाबाद में एयर इंडिया की लंदन गैटविक उड़ान दुर्घटना के बाद यह देश का दूसरा बड़ा विमान हादसा माना जा रहा है।