Monday, February 2

14 साल बाद एमपी का बी-फार्मेसी छात्र प्रसन्नजीत रंगारी पाकिस्तान से लौटा

 

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बालाघाट, मध्य प्रदेश: 14 वर्षों तक पाकिस्तान की जेल में बंद रहने के बाद बालाघाट के प्रसन्नजीत रंगारी उर्फ सुनील अड़े को आज़ादी मिल गई है। मानसिक असंतुलन के कारण सीमा पार चले गए प्रसन्नजीत की रिहाई में उनकी बहन संघमित्रा खोबरागड़े की अथक कोशिशों का अहम योगदान रहा। शनिवार को पाकिस्तान ने सात भारतीयों को रिहा किया, जिनमें प्रसन्नजीत भी शामिल थे।

 

प्रसन्नजीत को लेने उनके जीजा राजेश खोबराड़े और एक ग्रामीण अमृतसर रवाना हुए हैं। उम्मीद है कि मंगलवार तक वह अपने घर बालाघाट पहुंच जाएंगे।

 

2021 में खुला राज

 

परिवार को 2021 में पहली बार जानकारी मिली कि प्रसन्नजीत पाकिस्तान की जेल में हैं। बालाघाट के खैरलांजी गांव के यह युवा, बी-फार्मेसी में पढ़ाई कर रहे थे और मानसिक असंतुलन के चलते भटकते हुए पाकिस्तान पहुंच गए थे। संघमित्रा खोबरागड़े ने वर्षों तक प्रशासन से उनके सुरक्षित घर लौटने की गुहार लगाई।

 

परिवार में खुशी की लहर

 

रिहाई की खबर के बाद परिवार में खुशी की लहर दौड़ गई। बहन संघमित्रा ने कहा कि मां को यह खुशखबरी सरप्राइज के तौर पर देना चाहती हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भी आभार जताया।

 

रिहाई की प्रक्रिया

 

पूर्व जिला पंचायत सदस्य विक्रम देशमुख ने रिहाई में अहम भूमिका निभाई। पाकिस्तान रेंजर्स ने सभी भारतीयों को अटारी-वाघा सीमा पर बीएसएफ के हवाले किया। भारत में कस्टम और इमिग्रेशन प्रक्रिया पूरी करने के बाद सभी भारतीयों को एंबुलेंस के जरिए गुरु नानक देव अस्पताल, अमृतसर में मेडिकल जांच के लिए ले जाया गया।

 

वर्तमान स्थिति

 

वर्तमान में प्रसन्नजीत पंजाब के अमृतसर स्थित रेडक्रास भवन, मंजीठा थाना में हैं। वहां उनकी सेहत ठीक बताई गई है। परिजनों ने प्रसन्नजीत को बालाघाट लाने का निवेदन किया है।

 

पढ़ाई में था तेज

 

परिवार के अनुसार, प्रसन्नजीत पढ़ाई में तेज थे। उन्होंने गुरु रामदास खालसा इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, जबलपुर से बी-फार्मेसी की पढ़ाई पूरी की और 2011 में एमपी स्टेट फार्मेसी काउंसिल में अपना रजिस्ट्रेशन कराया। इसके बाद आगे की पढ़ाई के दौरान मानसिक असंतुलन की वजह से घर लौट आए। दो बार घर छोड़ने के बाद वह सीधे पाकिस्तान चले गए और 14 साल तक वहीं रहे।

 

रिहा हुए अन्य भारतीय

 

सात भारतीयों की रिहाई में शामिल अन्य लोग हैं: जोगिंदर सिंह (फिरोजपुर), शिंदर सिंह (फिरोजपुर), गुरमीत सिंह (फिरोजपुर), विशाल अलीके (फिरोजपुर), हरिंदर सिंह (लुधियाना) और रतनपाल सिंह (जालंधर)।

 

 

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