
उज्जैन, मध्य प्रदेश: गुजरात से अस्थि विसर्जन के लिए उज्जैन आ रही एक परिवार के साथ रेलगाड़ी में छेड़छाड़ और मारपीट का मामला सामने आया है। घटना के बाद नागदा रेलवे स्टेशन और आसपास तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई, जिसे काबू में करने के लिए पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा।
ट्रेन में हुई घटना
रात को मेमू ट्रेन में रतलाम स्टेशन से सवार हुए कुछ युवकों ने परिवार की एक बालिका के साथ छेड़छाड़ की। विरोध करने पर युवकों ने परिवार के अन्य सदस्यों के साथ भी मारपीट की। ट्रेन के अगले स्टेशन खाचरौद पर आरोपियों ने अपने साथियों को बुलाया और मारपीट जारी रखी।
पुलिस ने 7 आरोपियों को हिरासत में लिया
ट्रेन के अन्य यात्रियों की मदद से तीन युवकों को मौके पर ही पकड़ लिया गया। शिकायत मिलने पर जीआरपी ने पीड़ितों का मेडिकल कराया और अज्ञात आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की। सात संदिग्धों को हिरासत में लेकर रतलाम पुलिस को भेजा गया, जहां जांच के बाद तय होगा कि वे घटना में शामिल थे या नहीं।
स्टेशन पर तनाव और प्रशासनिक कार्रवाई
नागदा रेलवे स्टेशन पर दोनों पक्ष बड़ी संख्या में इकट्ठा हो गए। हिंदू संगठन और अन्य स्थानीय लोग भी घटना की जानकारी मिलते ही पहुंचे। पुलिस ने लाठीचार्ज कर भीड़ को खदेड़ा। इस दौरान एडिशनल एसपी, एसडीओपी और सात थानों के करीब 200 पुलिस जवान तैनात रहे।
मामला दर्ज
जीआरपी ने छेड़छाड़, मारपीट, जान से मारने की धमकी और भीड़ इकट्ठा करने जैसी धाराओं में प्रकरण दर्ज किया है। उज्जैन एसपी प्रदीप शर्मा ने बताया कि नागदा जीआरपी ने तुरंत कार्रवाई की। घटना के बाद पीड़ित परिवार को पुलिस अभिरक्षा में उज्जैन भेजा गया और शहर में माहौल फिलहाल शांत है।
जांच जारी
सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और केस डायरी विवेचना के लिए रतलाम भेज दी गई है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें। सातों आरोपी नागदा के रहने वाले बताए जा रहे हैं।