
भोपाल/नई दिल्ली: अंतरिक्ष में इंटरनेट देने के बाद अब एलन मस्क अंतरिक्ष में डेटा सेंटर स्थापित करने की तैयारी में हैं। इसके लिए उन्होंने अमेरिकी रेगुलेटर FCC से अनुमति मांगी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, मस्क 10 लाख सैटेलाइट्स का एक ऐसा नेटवर्क बनाना चाहते हैं, जो सीधे सूरज की रोशनी से ऊर्जा लेकर AI डेटा सेंटर्स को संचालित करेगा।
स्पेस में डेटा सेंटर बनाने का मकसद बिजली और पानी की खपत को कम करना है। जमीन पर डेटा सेंटर चलाने के लिए बड़ी मात्रा में बिजली और पानी की जरूरत पड़ती है, जिससे पर्यावरण पर भी दबाव पड़ता है। लेकिन अंतरिक्ष में बनने वाले डेटा सेंटर को ये संसाधन नहीं चाहिए होंगे। अंतरिक्ष में सूरज की रोशनी लगातार उपलब्ध रहती है, जिससे ऊर्जा की कोई कमी नहीं होगी।
रिपोर्ट के अनुसार, वर्तमान में पृथ्वी के चारों ओर लगभग 15,000 सक्रिय सैटेलाइट्स हैं। ऐसे में मस्क का 10 लाख सैटेलाइट्स का प्रस्ताव सभी को हैरान कर रहा है। इस मिशन के लिए मस्क के स्टारशिप रॉकेट का इस्तेमाल होगा, जो पूरी तरह से पुन: प्रयोज्य है और लाखों टन वजन अंतरिक्ष में ले जा सकता है।
खबर है कि मस्क अपनी कंपनियों xAI और SpaceX को मिलाकर एक बड़ा सैटेलाइट नेटवर्क और AI सिस्टम भी तैयार करने की योजना बना रहे हैं। इससे डेटा प्रोसेसिंग की गति बढ़ेगी और अन्य AI टेक कंपनियों को चुनौती मिलेगी। यदि यह मिशन सफल होता है, तो डेटा स्टोरेज और प्रोसेसिंग की दुनिया में क्रांति आ सकती है।