
प्रतापगढ़। उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ से एमएलसी कुंवर अक्षय प्रताप सिंह उर्फ गोपालजी को बड़ी कानूनी राहत मिली है। दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने भानवी सिंह द्वारा दर्ज कराए गए जालसाजी मामले में सबूतों के अभाव में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल कर दी है। यह रिपोर्ट दिल्ली की एमपी-एमएलए कोर्ट में प्रस्तुत की गई है।
गौरतलब है कि फरवरी 2023 में कुंडा विधायक राजा भैया की पत्नी भानवी सिंह ने अक्षय प्रताप सिंह के खिलाफ दिल्ली के ईओडब्ल्यू थाने में जालसाजी और धोखाधड़ी से जुड़ी शिकायत दर्ज कराई थी। मामले की करीब तीन वर्षों तक चली जांच के दौरान जांच एजेंसी को ऐसे कोई ठोस आपराधिक साक्ष्य नहीं मिले, जिससे आरोपों की पुष्टि हो सके।
EOW की रिपोर्ट में क्या कहा गया
ईओडब्ल्यू ने अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट किया है कि अक्षय प्रताप सिंह के खिलाफ लगाए गए धोखाधड़ी और जालसाजी से जुड़े आरोप कानूनी मानकों पर खरे नहीं उतरते। आरोपों को साबित करने के लिए पर्याप्त साक्ष्य न मिलने के कारण क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की गई।
भतीजे शिवराज प्रताप सिंह का समर्थन
इस मामले में राजा भैया और भानवी सिंह के पुत्र शिवराज प्रताप सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर अक्षय प्रताप सिंह का समर्थन किया। उन्होंने लिखा कि उनके काका को लगाए गए सभी आरोपों से पूरी तरह मुक्त कर दिया गया है।
शिवराज ने कहा कि किसी चर्चित व्यक्ति के खिलाफ अफवाहें फैलाना आसान होता है और मीडिया अक्सर एकतरफा खबरें दिखाती है, लेकिन जब सच्चाई सामने आती है, तो उस पर चर्चा नहीं होती।
उन्होंने यह भी कहा कि तीन वर्षों तक चले इस मुकदमे का असर किसी भी व्यक्ति के सम्मान, मानसिक स्थिति और सामाजिक जीवन पर पड़ता है। अब जब जांच पूरी हो चुकी है और अक्षय प्रताप सिंह निर्दोष पाए गए हैं, तो परिवार और शुभचिंतकों में संतोष है।
अक्षय प्रताप सिंह का पलटवार
क्लोजर रिपोर्ट दाखिल होने के बाद एमएलसी अक्षय प्रताप सिंह ने सोशल मीडिया के जरिए भानवी सिंह पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि उन्हें तीन वर्षों तक एक फर्जी मुकदमे के जरिए परेशान किया गया, सिर्फ इसलिए क्योंकि वह राजा भैया के साथ खड़े रहे।
उन्होंने लिखा कि जांच एजेंसी ने गहन जांच के बाद उन्हें पूरी तरह निर्दोष पाया है और उनके खिलाफ लगाया गया एक भी आरोप सही साबित नहीं हुआ।
राजा भैया को लेकर दिया था बयान
कुछ दिन पहले अक्षय प्रताप सिंह ने सार्वजनिक बयान में कहा था कि भले ही वह और राजा भैया एक मां की संतान नहीं हैं, लेकिन राजा भैया उनके लिए सगे भाई से भी बढ़कर हैं। उन्होंने कहा था कि जो कुछ भी वह आज हैं, उसमें राजा भैया का बड़ा योगदान है और वह हमेशा उनके सिपाही के रूप में काम करते रहेंगे।
फिलहाल इस मामले में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल होने के बाद कानूनी कार्रवाई समाप्त मानी जा रही है, हालांकि आगे की प्रक्रिया कोर्ट के आदेश पर निर्भर करेगी।