Saturday, January 31

सरकार का बड़ा एक्शन: Wingo ऐप और जुड़े Telegram चैनल ब्लॉक लोगों के फोन से भेजे जा रहे थे फ्रॉड SMS, साइबर ठगी नेटवर्क पर करारा प्रहार

नई दिल्ली।
भारत सरकार ने साइबर ठगी के एक बड़े नेटवर्क पर कड़ी कार्रवाई करते हुए Wingo नामक मोबाइल ऐप, उससे जुड़े Telegram चैनलों और कई YouTube वीडियो को ब्लॉक कर दिया है। यह कार्रवाई गृह मंत्रालय के अधीन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (I4C) की ओर से की गई है। सरकार के अनुसार, यह ऐप लोगों को आसान कमाई का लालच देकर ठगी कर रहा था और यूजर्स की जानकारी के बिना उनके मोबाइल फोन से धोखाधड़ी वाले SMS भी भेज रहा था।

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गृह मंत्रालय ने आम जनता को चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि यदि किसी के फोन में Wingo ऐप इंस्टॉल है, तो उसे तुरंत हटाएं और किसी भी प्रकार के संदिग्ध लिंक या चैनल से दूरी बनाए रखें।

कैसे करता था Wingo ऐप ठगी?

रिपोर्ट्स के अनुसार, Wingo ऐप यूजर्स को कम समय में पैसे कमाने का लालच देकर छोटे-छोटे टास्क पूरे करने के लिए कहता था। ऐप डाउनलोड करने के बाद निवेश के नाम पर लोगों से पैसे जमा कराए जाते थे। भुगतान के लिए ऐप एक पर्सनल वॉलेट सिस्टम का इस्तेमाल करता था।

जैसे ही शिकायतें बढ़ने लगती थीं या बड़ी रकम जमा हो जाती थी, ऐप अचानक बंद हो जाता था और यूजर्स के अकाउंट ब्लॉक कर दिए जाते थे। इस तरह यह पूरी तरह एक फर्जी निवेश स्कीम के रूप में काम कर रहा था।

जासूसी और डेटा चोरी के भी आरोप

सरकारी जांच में सामने आया है कि Wingo ऐप ठगी के साथ-साथ डेटा जासूसी में भी शामिल था। ऐप इंस्टॉल होते ही यह यूजर्स से कॉन्टैक्ट्स, गैलरी, लोकेशन और SMS जैसी अनावश्यक परमिशन मांगता था। इन अनुमतियों के जरिए ऐप को निजी डेटा तक पहुंच मिल जाती थी, जिसका इस्तेमाल यूजर्स की जानकारी के बिना फ्रॉड SMS भेजने में किया जाता था।

सरकार ने कार्रवाई करते हुए इस ऐप के सर्वर को जियो-ब्लॉक कर दिया है। साथ ही, इससे जुड़े 1.53 लाख फॉलोअर्स वाले चार Telegram चैनल और 50 से अधिक YouTube वीडियो भी हटवाए गए हैं।

खुद को ऐसे रखें सुरक्षित

सरकार ने खासतौर पर एंड्रॉइड यूजर्स के लिए सख्त दिशानिर्देश जारी किए हैं।

  • ऐसे ऐप्स डाउनलोड न करें जो पैसे कमाने की गारंटी देते हों
  • किसी भी ऐप को गैलरी, कॉन्टैक्ट्स या SMS की अनावश्यक अनुमति न दें
  • किसी अनजान UPI ID पर पैसे न भेजें
  • किसी को भी OTP या पर्सनल जानकारी साझा न करें

यदि इन सावधानियों के बावजूद कोई व्यक्ति साइबर ठगी का शिकार हो जाता है, तो तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या सरकारी साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।

सरकार ने लोगों से अपील की है कि समय-समय पर जारी की जाने वाली साइबर सुरक्षा एडवाइजरी पर ध्यान दें और संदिग्ध ऐप्स व चैनलों से दूर रहें।

 

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