
चंडीगढ़: पंजाब में सरकारी स्कूलों की रंगाई-पुताई के आदेश ने सियासी बहस को जन्म दे दिया है। भगवंत मान सरकार ने 852 स्कूलों को नीले और पीले रंग में पेंट करने का आदेश दिया है, जिसे लेकर विपक्षी दल शिरोमणि अकाली दल ने आपत्ति जताई है। अकाली दल का कहना है कि यह रंग आम आदमी पार्टी (AAP) के झंडे के समान हैं।
वहीं, आम आदमी पार्टी के सांसद मालविंदर सिंह कंग ने इस आरोप का पलटवार करते हुए कहा कि हर रंग किसी न किसी राजनीतिक दल से जुड़ा हो सकता है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि शिक्षा विभाग ने पेंटिंग के लिए रंगों का चयन किया है, सरकार ने नहीं।
क्या है मामला
पंजाब सरकार ने 22 दिसंबर 2025 को स्कूलों की बिल्डिंग की पेंटिंग का आदेश जारी किया। पहले चरण में 23 जिलों के 852 स्कूलों को नीले और पीले रंग में रंगा जाएगा। इन स्कूलों में से सबसे अधिक 102 स्कूल सीएम भगवंत मान के होम डिस्ट्रिक्ट संगरूर में हैं। इसके अलावा रोपड़ के 37, अमृतसर के 84 और लुधियाना के 70 स्कूलों को भी इन रंगों में रंगा जाएगा। पहले चरण के लिए जिला शिक्षा अधिकारियों को 17.44 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं।
विपक्ष का आरोप और आप का जवाब
शिरोमणि अकाली दल के ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने कहा कि सरकारी स्कूल राज्य की संपत्ति हैं, किसी एक राजनीतिक दल की नहीं। उन्होंने इस आदेश को तुरंत रद्द करने की मांग की।
AAP के सांसद मालविंदर सिंह कंग ने सफाई दी कि नीला और पीला रंग हमेशा से सरकारी इमारतों में पसंद किए जाते रहे हैं। उन्होंने कहा, “हर रंग किसी न किसी पार्टी से जुड़ा होता है। लाल रंग कम्युनिस्टों का है, भगवा बीजेपी का और नीला हमेशा से अकाली दल से जुड़ा रहा है।”
शिक्षा विभाग का पक्ष
डायरेक्टर जनरल ऑफ स्कूल एजुकेशन अरविंद कुमार एमके ने कहा कि रंगों के चयन में कोई राजनीतिक उद्देश्य नहीं है। केवल उन्हीं स्कूलों को पेंट किया जा रहा है, जिनमें पिछले पांच साल या उससे अधिक समय से पेंटिंग नहीं हुई थी। इस कार्य के लिए धन पूरी तरह राज्य के बजट से जारी किया गया है।