
बालाघाट, 31 जनवरी 2026: बालाघाट के कस्तूरबा गांधी बालिका छात्रावास में पढ़ाई कर रही मात्र 13 वर्ष 6 माह की छात्रा ने एक बच्ची को जन्म दिया। इस मामले ने छात्रावासों में छात्राओं की सुरक्षा और स्वास्थ्य निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जिला अस्पताल के प्रसूति वार्ड में यह जानकारी मिलने पर हड़कंप मच गया। महिला थाना पुलिस को अस्पताल चौकी से सूचना मिली और उन्होंने तुरंत प्रारंभिक कार्रवाई करते हुए मामला गढ़ी थाना को सौंपा। पुलिस ने एक नाबालिग आरोपी को हिरासत में लिया है, जिसे किशोर न्यायालय में पेश किया जाएगा।
सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग, शकुंतला डामोर ने कहा कि प्रथम दृष्टया छात्रावास प्रबंधन की लापरवाही सामने आई है। इस पर छात्रावास अधीक्षिका चैनबती सैयाम को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। छात्रा के स्वास्थ्य में आए बदलावों पर समय पर ध्यान नहीं दिया गया और नियमित स्वास्थ्य परीक्षण भी नहीं कराया गया।
जिला शिक्षा केंद्र के डीपीसी जी.पी. बर्मन ने भी वार्डन और संबंधित एएनएम की लापरवाही स्वीकार की। जानकारी के अनुसार, पीड़ित छात्रा आठवीं कक्षा की छात्रा है और लंबे समय से उसकी तबीयत ठीक नहीं थी। वह अक्सर छात्रावास से अनुपस्थित रहती थी, लेकिन प्रबंधन ने न तो उसकी नियमित जांच कराई और न ही अभिभावकों से संपर्क किया।
छात्रा ने पुलिस को बयान में बताया कि उसका संपर्क उसके गांव के एक व्यक्ति से था। पुलिस इस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। प्रशासनिक अधिकारी ने कहा कि दोषियों के खिलाफ विभागीय और कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी, ताकि भविष्य में इस तरह की लापरवाही न दोहराई जाए।