
अंबेडकरनगर/अबहा (सऊदी अरब)।
सऊदी अरब के अबहा शहर में उत्तर प्रदेश, बिहार और राजस्थान के कुल 161 भारतीय मजदूर गंभीर मानवीय संकट में फंसे हुए हैं। इनमें उत्तर प्रदेश के अंबेडकरनगर जिले के कई मजदूर शामिल हैं। इन श्रमिकों का आरोप है कि वीजा की अवधि समाप्त हो जाने के बावजूद संबंधित कंपनी न तो उन्हें भारत लौटने दे रही है और न ही पिछले तीन महीनों से वेतन का भुगतान कर रही है। हालात इतने बदतर हो चुके हैं कि मजदूरों को भरपेट भोजन तक नसीब नहीं हो रहा।
बसखारी ब्लॉक के अमिया वामनपुर गांव निवासी संतोष कुमार और हृदेश कुमार सहित कई मजदूरों ने सोशल मीडिया के माध्यम से वीडियो जारी कर भारत सरकार से तत्काल हस्तक्षेप और स्वदेश वापसी की अपील की है। मजदूरों का कहना है कि कंपनी उनसे जबरन पेंटिंग और अन्य श्रम कार्य करवा रही है, जबकि उनका कानूनी प्रवास पहले ही समाप्त हो चुका है।
पासपोर्ट जब्त, परिजन बेहाल
हृदेश कुमार के पिता राममिलन ने बताया कि उनका बेटा लंबे समय से घर लौटना चाहता है, लेकिन कंपनी ने उसका पासपोर्ट अपने कब्जे में ले रखा है। संतोष कुमार के परिजनों ने भी इसी तरह की पीड़ा जताई है। परिजनों का कहना है कि शुरुआती महीनों में मजदूरी मिलती रही, लेकिन अब न वेतन है और न ही खाने का इंतजाम।
भारत में रह रहे परिजन स्वयं आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं, फिर भी किसी तरह पैसों का इंतजाम कर सऊदी अरब में फंसे अपने अपनों को भूख से बचाने के लिए मदद भेज रहे हैं। हृदेश के घर में बुजुर्ग माता-पिता, पत्नी और 12 व 8 वर्ष के दो बच्चे हैं, जो उसकी सुरक्षित वापसी की राह देख रहे हैं। वहीं संतोष कुमार के परिवार की जिम्मेदारी भी पूरी तरह उन्हीं पर निर्भर थी।
दूतावास तक पहुंचा मामला
मामले के सामने आने के बाद सामाजिक कार्यकर्ता आबिद हुसैन ने मजदूरों से फोन पर संपर्क कर उनकी स्थिति जानी और पूरे प्रकरण की जानकारी भारत सरकार के विदेश मंत्रालय तथा जेद्दा स्थित भारतीय दूतावास को भेज दी है। कई समाजसेवी संगठनों ने भी इस मुद्दे पर दूतावास से संपर्क साधा है।
बताया गया है कि इस समूह में अंबेडकरनगर के अलावा गोरखपुर, संतकबीरनगर, लखनऊ, लखीमपुर, आजमगढ़ और बस्ती जिलों के मजदूर भी शामिल हैं। सभी मजदूरों और उनके परिजनों ने सरकार से मांग की है कि तत्काल हस्तक्षेप कर सभी भारतीय नागरिकों को सुरक्षित स्वदेश लाया जाए।