
मथुरा। मथुरा-वृंदावन स्थित गौरी-गोपाल आश्रम के संचालक और प्रसिद्ध कथावाचक स्वामी अनिरुद्धाचार्य ने अपनी पहली कमाई को लेकर बड़ा खुलासा किया। उन्होंने बताया कि उनकी पहली कमाई प्रयागराज में 9 दिनों की कथा के दौरान हुई थी, जिसमें उन्हें कुल 3000 रुपये मिले।
कथावाचक ने बताया कि उस समय उनके साथी कथावाचक अपनी कमाई से मोबाइल खरीद लिया था, लेकिन उन्होंने पैसे का उपयोग संगीत सीखने के लिए हारमोनियम खरीदने में किया। आज भी उनकी पहली कमाई से खरीदी गई हारमोनियम उनके पास सुरक्षित है।
अनिरुद्धाचार्य ने कथा के दौरान श्रोताओं को यह संदेश भी दिया कि कमाई का सही उपयोग करना और शौक के लिए पैसा बर्बाद न करना चाहिए। उन्होंने कहा, “आपकी कमाई का उपयोग आपकी जरूरतों को पूरा करने में होना चाहिए।”
स्वामी अनिरुद्धाचार्य ने यह भी बताया कि उन्होंने जहां-जहां से लिया, उसे लौटा दिया है। इसी क्रम में प्रयागराज माघ मेले में उन्होंने अखंड रसोई का आयोजन किया और वहां आने वाले भक्तों के लिए भोजन प्रदान किया। उन्होंने कहा कि जीवन में आगे बढ़ने में मदद करने वालों को हमेशा याद रखना चाहिए और उनका योगदान चुकाना चाहिए।