Sunday, May 24

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गाजियाबाद: रजिस्ट्री में फर्जीवाड़े पर रोक, आधार ई-वेरिफिकेशन से होगी पहचान

गाजियाबाद। जिले में अब कोई भी व्यक्ति फर्जी तरीके से किसी अन्य की प्रॉपर्टी अपनी नाम पर नहीं करा सकेगा और न ही बेच सकेगा। इसके लिए रजिस्ट्री विभाग ने आधार वेरिफिकेशन की व्यवस्था शुरू कर दी है। इस प्रणाली के तहत प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री करने वाले व्यक्ति की पहचान UID नंबर और अंगूठे के निशान के जरिए सत्यापित की जाएगी।

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सहायक आयुक्त स्टांप पुष्पेंद्र कुमार ने बताया कि जिले के सभी आठों सब-रजिस्ट्रार कार्यालयों में कंप्यूटर सिस्टम को अपडेट कर दिया गया है। 2 फरवरी से यह प्रणाली लागू हो जाएगी। इसके अंतर्गत रजिस्ट्री में आधार संख्या दर्ज कर संबंधित व्यक्ति के नाम और पते की पुष्टि की जाएगी, साथ ही बायोमैट्रिक प्रमाणीकरण और ई-हस्ताक्षर के माध्यम से ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

ऑनलाइन दस्तावेज एवं पारदर्शिता
आधार आधारित बायोमैट्रिक ऑथेंटिकेशन से न केवल फर्जी रजिस्ट्री पर रोक लगेगी, बल्कि संपत्ति पंजीकरण प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और विश्वसनीय बनेगी। रजिस्ट्री अधिकारी के समक्ष पक्षकारों और गवाहों की पहचान भी सत्यापन के लिए सुनिश्चित की जाएगी।

गाजियाबाद जनपद में प्रतिदिन लगभग 600 प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री होती है। इस प्रणाली के लागू होने से भूमि एवं अचल संपत्ति से जुड़े फर्जीवाड़े, फर्जी दस्तावेज और विवादों में कमी आएगी। सहायक आयुक्त पुष्पेंद्र कुमार ने कहा कि इससे अदालतों में मामलों की संख्या भी कम होगी।

रजिस्ट्री कार्यालयों की व्यवस्था
सदर क्षेत्र के पांच, लोनी के दो और मोदीनगर के एक सब-रजिस्ट्रार कार्यालय में आधार ई-वेरिफिकेशन के जरिए रजिस्ट्री की जाएगी।

 

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