
गाजियाबाद। स्वॉट टीम और क्राइम ब्रांच की संयुक्त कार्रवाई में पुलिस ने ऐसे चार फर्जी डॉक्टरों को गिरफ्तार किया है, जो खुद को बड़े अस्पतालों का डॉक्टर या मेडिकल स्टाफ बताकर मेडिकल स्टोरों से महंगी दवाइयां मंगाते और फर्जी चेक देकर फरार हो जाते थे।
एडीसीपी क्राइम पीयूष सिंह ने बताया कि आरोपी फोन पर बड़े अस्पतालों का नाम लेकर भरोसा जमाते और तत्काल दवाइयों की डिलीवरी की मांग करते थे। दवाइयां मिलने के बाद वे दुकानदारों को फर्जी चेक पकड़ा देते थे। जब तक दुकानदार को चेक के फर्जी होने का पता चलता, तब तक गिरोह के सदस्य शहर छोड़ चुके होते थे।
पुलिस ने रेलवे स्टेशन के पास मालगोदाम रोड से गिरोह के चार सदस्यों—मुकेश तनेजा (सरगना), अमित खुराना, दीप सिंह चुग और मुकेश अखरिया उर्फ सुंदर—को दबोचा। एडीसीपी के अनुसार, मुकेश तनेजा पहले भी दिल्ली के रोहिणी इलाके में इसी तरह की ठगी के मामलों में जेल जा चुका है।
गिरोह के पास से 30 से अधिक महंगी दवाइयां, कई सिम कार्ड और मोबाइल फोन बरामद हुए हैं। आरोपी हर शहर में अलग सिम कार्ड इस्तेमाल कर अपनी पहचान छुपाकर ठगी करते थे।
पुलिस के अनुसार, ये गिरोह अब तक दिल्ली-एनसीआर, जयपुर, सूरत, अहमदाबाद, भोपाल समेत विभिन्न शहरों में 50 से अधिक मेडिकल स्टोरों से करोड़ों रुपये की ठगी कर चुका है। गिरोह के खिलाफ कोतवाली और सिहानी गेट थाने में भी मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश और बरामद दवाइयों की सप्लाई चेन की जांच में जुटी है।