Thursday, May 14

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अयोध्या: राम मंदिर निर्माण अंतिम चरण में, अप्रैल तक सभी कार्य पूर्ण होंगे

 

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अयोध्या, वीएन दास: श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की निर्माण समिति की तीन दिवसीय बैठक में राम मंदिर के शेष निर्माण कार्यों की समीक्षा और भावी योजनाओं पर विस्तृत मंथन किया गया। बैठक की अध्यक्षता निर्माण समिति के चेयरमैन नृपेंद्र मिश्र ने की। पहले दिन की बैठक के बाद उन्होंने मीडिया को महत्वपूर्ण अपडेट दिए।

 

नृपेंद्र मिश्र ने बताया कि 30 अप्रैल तक राम मंदिर से जुड़े सभी शेष निर्माण कार्य पूरे कर लिए जाएंगे। इसके बाद मुख्य निर्माण एजेंसियां एलएंडटी और टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) मंदिर ट्रस्ट को साइट हैंडओवर कर देंगी। अब तक मंदिर निर्माण पर कुल लगभग 1900 करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं, जिसमें से 1600 करोड़ रुपये (जीएसटी सहित) का भुगतान किया जा चुका है। मुख्य मंदिर का निर्माण पहले ही पूरा हो चुका है, अब परकोटा में म्यूरल और अन्य सुविधाएं अंतिम चरण में हैं।

 

राष्ट्रपति 19 मार्च को अयोध्या आएंगी

मिश्र ने बताया कि इस वर्ष हिंदू नववर्ष (चैत्र शुक्ल प्रतिपदा) 19 मार्च को है। इस अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को औपचारिक निमंत्रण दिया गया है, जिसे उन्होंने अनौपचारिक रूप से स्वीकार कर लिया है। राष्ट्रपति रामलला के दर्शन-पूजन करेंगी और मंदिर निर्माण में योगदान देने वाले लगभग 400 श्रमिकों को सम्मानित भी करेंगी।

 

धरोहर ग्रंथों और पांडुलिपियों का आगमन

देश के विभिन्न प्रांतों से वाल्मीकि रामायण की प्राचीन पांडुलिपियां और प्रदेश भाषाओं में लिखित दुर्लभ ग्रंथ ट्रस्ट को भेंट किए जा रहे हैं। केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय से 400 वर्ष पुरानी संस्कृत वाल्मीकि रामायण भी ट्रस्ट को भेंट की गई है। इसे मंदिर के दूसरे तल के गर्भगृह में रखा जाएगा। रामायण विशेषज्ञों की समिति जल्द ही गठित की जाएगी, जो इन ग्रंथों की प्रामाणिकता की जांच कर उन्हें गर्भगृह में रखने की संस्तुति देगी। इसके अलावा, जगद्गुरु शंकराचार्य द्वारा तैयार राम रक्षा यंत्र भी गर्भगृह में प्रतिष्ठित किया जाएगा।

 

अन्य कार्य प्रगति पर

नृपेंद्र मिश्र ने कहा कि सभी कार्य अंतिम चरण में हैं और तय समयसीमा में पूरे किए जाएंगे। रामलला के अस्थायी मंदिर को संग्रहालय/मेमोरियल के रूप में फरवरी तक तैयार कर लिया जाएगा। श्रद्धालुओं के जूता-चप्पल और सामान रखने की सुविधा वाला भवन और रैक पूर्ण हो चुके हैं। शहीद स्मारक स्तंभ का निर्माण मार्च तक पूरा होगा। फसाड लाइटिंग का कार्य अगले 6 महीनों में पूरा होगा, जबकि साइनेज लगाने का काम एक सप्ताह में पूरा हो जाएगा।

 

 

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