
बारामती/मुंबई: महाराष्ट्र की राजनीति में नया अध्याय लिखते हुए, सुनेत्रा पवार, जिन्हें प्यार से ‘वाहिनी’ कहा जाता है, अपने पति अजीत पवार के निधन के बाद राज्य की उपमुख्यमंत्री बनने जा रही हैं। अजित पवार का 28 जनवरी की सुबह बारामती एयरपोर्ट के पास विमान हादसे में निधन हो गया था। इस हादसे में उनके साथ अन्य चार लोग भी मारे गए थे। महाराष्ट्र सरकार ने तीन दिन का राजकीय शोक घोषित किया था।
सुनेत्रा पवार ने 2024 में राजनीति में कदम रखा था। वे बारामती से लोकसभा चुनाव में अपनी ननद सुप्रिया सुले के खिलाफ मैदान में उतरी थीं, लेकिन हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद 18 जून, 2024 को वे राज्यसभा की निर्विरोध सदस्य चुनी गईं। अब वे उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेंगी और आगामी उपचुनाव में बारामती विधानसभा सीट से चुनाव लड़ेंगी।
संपत्ति और नेट वर्थ:
सुनेत्रा पवार की कुल संपत्ति अपने पति अजित पवार से अधिक बताई जा रही है। उनके हलफनामे के अनुसार उनकी कुल संपत्ति डेढ़ सौ करोड़ रुपये से अधिक है। इसमें तीन लाख रुपये कैश, करीब 6 करोड़ रुपये बैंक में जमा, 66 लाख रुपये के बॉन्ड और कंपनी शेयर शामिल हैं।
सुनेत्रा पवार ने परिवार और रिश्तेदारों को भी कर्ज दिया है, जिसमें लगभग 12 करोड़ रुपये शामिल हैं। उनके पास लगभग डेढ़ करोड़ रुपये की एलआईसी पॉलिसी है।
गाड़ियां और कीमती धातुएं:
सुनेत्रा पवार के पास लगभग एक करोड़ रुपये मूल्य की गाड़ियां हैं, जिसमें तीन ट्रैक्टर और टोयोटा, महिंद्रा व टाटा की कारें शामिल हैं।
उनके पास सोना और चांदी में भी अच्छी-खासी संपत्ति है। इसमें 1030 ग्राम सोना, लगभग 35 किलो चांदी के बर्तन, 21.5 किलो चांदी की मूर्तियां और 20 किलो चांदी के गिफ्ट आइटम शामिल हैं। कुल मिलाकर यह संपत्ति दो करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की बताई जाती है।
भूमि और रियल एस्टेट:
सुनेत्रा पवार के पास मुंबई, पुणे, बारामती सहित महाराष्ट्र के विभिन्न क्षेत्रों में कृषि भूमि, आवासीय मकान, प्लॉट और कमर्शियल बिल्डिंग्स हैं, जिनकी कुल कीमत लगभग 100 करोड़ रुपये है।
सामाजिक कार्य और महिला सशक्तिकरण:
सुनेत्रा पवार 2006 से बारामती हाई-टेक टेक्सटाइल पार्क लिमिटेड की अध्यक्ष हैं। इस पहल के तहत 15,000 से अधिक महिलाओं को रोजगार मिला है, जिनमें अधिकांश ग्रामीण क्षेत्र की महिलाएं हैं। यह पहल महिला सशक्तिकरण और कौशल विकास पर केंद्रित है।
सुनेत्रा पवार के उपमुख्यमंत्री बनने के साथ ही महाराष्ट्र की राजनीति में महिलाओं के लिए एक नया उदाहरण स्थापित होगा।