
छत्तीसगढ़ सरकार के डेप्युटी सीएम विजय शर्मा ने बताया कि राज्य में नक्सल विरोधी अभियान के तहत पिछले दो सालों में 86 नए सुरक्षा शिविर स्थापित किए गए हैं। इन कैंपों के माध्यम से अब तक 494 गांवों तक विभिन्न बुनियादी सुविधाएं पहुंचाई जा चुकी हैं।
विजय शर्मा, जिन्हें गृह मंत्रालय के साथ-साथ पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग का भी प्रभार है, ने कहा कि प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत विशेष पिछड़ी जनजातियों की बसावटों को जोड़ने के लिए 807 सड़कें बनाई जा रही हैं। जशपुर के मनोरा विकासखंड में दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों में बसे बंधकोना के पहाड़ी कोरवा एवं कवर्धा के शंभुपीपर में रहने वाले बैगा समुदाय के गांवों तक सड़कें पहुंचाई गई हैं।
उन्होंने बताया कि बस्तर संभाग के नक्सल प्रभावित इलाकों में 41 लंबित सड़कें कई वर्षों के बाद अब बनकर पूरी हो गई हैं। ग्रामीण क्षेत्रों के मुद्दों का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के लिए पूरे राज्य में ग्रामीण सचिवालयों को पुनः सक्रिय किया जा रहा है।
डेप्युटी सीएम ने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत घरों के निर्माण में छत्तीसगढ़ देश में पहले स्थान पर है। ‘पीएम-जनमन’ योजना के अंतर्गत विशेष रूप से कमजोर आदिवासी समूहों के 33 हजार से अधिक लोगों के लिए घर स्वीकृत किए गए हैं। वहीं, ‘नियद नेला नार’ योजना के तहत नक्सल प्रभावित संवेदनशील क्षेत्रों में 9 हजार से अधिक लोगों के घर स्वीकृत किए गए हैं।
विजय शर्मा ने बताया कि अब ग्रामीणों को बैंकिंग कार्यों और वित्तीय लेनदेन के लिए गांव से बाहर जाने की आवश्यकता नहीं है। प्रदेश में 6,195 अटल डिजिटल सुविधा केंद्रों के माध्यम से लगभग 919 करोड़ रुपये का लेन-देन किया जा चुका है।
डेप्युटी सीएम ने दावा किया कि सुरक्षा के साथ-साथ विकास कार्यों को भी प्राथमिकता दी जा रही है और प्रदेश में नक्सल प्रभावित इलाकों में विकास का प्रभाव स्पष्ट नजर आ रहा है।