
जोधपुर: राजस्थान की कथावाचक साध्वी प्रेम बाईसा (23) की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत ने विवाद को जन्म दे दिया है। उनके पिता वीरमनाथ (गुरुजी) ने आरोप लगाया है कि बेटी की मौत गलत इंजेक्शन के कारण हुई। वीरमनाथ के अनुसार, इंजेक्शन लगने के महज 30 सेकंड में प्रेम बाईसा की तबीयत अचानक बिगड़ गई और अस्पताल पहुंचने से पहले ही उन्होंने दम तोड़ दिया।
इंजेक्शन के बाद बिगड़ी तबीयत
वीरमनाथ ने बताया कि जैसे ही प्रेम बाईसा को इंजेक्शन लगाया गया, वे जोर-जोर से चीखने लगीं, उन्हें सांस लेने में कठिनाई होने लगी और मुंह व नाक से कफ निकलने लगा। गेट तक पहुंचते-पहुंचते वे बेहोश हो गईं और बाद में उनकी मौत हो गई। वीरमनाथ ने इस घटना को लेकर कहा, “उनकी मौत गलत इंजेक्शन के कारण हुई। इस दौरान सोशल मीडिया पर उठे सवालों के बावजूद हमने अपने पक्ष को स्पष्ट किया।”
इंस्टाग्राम पोस्ट पर खुलासा
वीरमनाथ ने बताया कि अंतिम समय में प्रेम बाईसा ने उनसे कहा था, “गुरुजी, मुझे न्याय दिलाना।” इसी उद्देश्य से उन्होंने घटना के करीब चार घंटे बाद इंस्टाग्राम पर पोस्ट डाली, ताकि मामला सार्वजनिक हो सके। प्रेम बाईसा की मौत 28 जनवरी को हुई थी। 30 जनवरी को बालोतरा जिले के परेऊ गांव स्थित आश्रम में संत परंपरा के अनुसार उन्हें समाधि दी गई।
गले की तकलीफ और इलाज
वीरमनाथ ने कहा कि 27 जनवरी की रात वे अजमेर से जोधपुर लौटे थे। 28 जनवरी की सुबह प्रेम बाईसा को गले में खराश और जुकाम की शिकायत हुई। आने वाले दिनों में अजमेर और चंडीगढ़ में बड़े धार्मिक कार्यक्रम प्रस्तावित थे, जिनमें उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उपस्थिति की संभावना थी।
उन्होंने बताया कि गले की तकलीफ के कारण उन्होंने कंपाउंडर देवीलाल सिंह को बुलाया। पहले भी कंपाउंडर ने दवा दी थी, लेकिन इस बार उसने इंजेक्शन लगाया। वीरमनाथ ने बताया कि कंपाउंडर ने फोन पर इंजेक्शन को सामान्य बताया था। इसके बावजूद उन्हें तुरंत गाड़ी से प्रेक्षा अस्पताल ले जाया गया, लेकिन अस्पताल पहुँचने से पहले ही प्रेम बाईसा की मौत हो गई।
इस घटना से साध्वी प्रेम बाईसा की मौत को लेकर कई सवाल उठ खड़े हुए हैं और पुलिस व प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है।