
सागर/भोपाल: मध्य प्रदेश के सागर जिले में सरसों घोटाले का बड़ा खुलासा हुआ है। NAFED (नेशनल एग्रीकल्चरल कोऑपरेटिव मार्केटिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया) ने सरकारी गोदाम में रखी सरसों की जांच की, तो पता चला कि इसमें से करीब 40 प्रतिशत हिस्सा मिट्टी की गोलियों से भरा हुआ था। पानी में डालते ही ये दाने पूरी तरह घुल गए, जिससे यह मामला और भी गंभीर हो गया।
घोटाले का खुलासा कैसे हुआ
यह घटना तब सामने आई जब NAFED ने MP वेयरहाउसिंग एंड लॉजिस्टिक्स कॉर्पोरेशन के गोदाम से सरसों की नीलामी की। खरीदार ने माल की गुणवत्ता पर शक जताया, जिसके बाद गोदाम में जांच की गई। NAFED के भोपाल स्थित डिप्टी मैनेजर रणजीत कुमार सिंह ने बताया, “आंखों से देखने पर यह दाने सरसों जैसे ही लग रहे थे, लेकिन पानी और लैब टेस्ट में यह स्पष्ट हो गया कि यह मिट्टी के बने हुए हैं।”
केंद्र की MSP योजना के तहत खरीदी गई थी सरसों
यह घटनाक्रम 2024-25 रबी सीजन का है। NAFED ने रहली, सागर की दो सहकारी समितियों के माध्यम से लगभग 8,950 क्विंटल सरसों खरीदी थी। इसमें से 8,600 क्विंटल से अधिक की नीलामी हो चुकी थी और करीब 300 क्विंटल गोदाम में ही रखा गया था। MSP (न्यूनतम समर्थन मूल्य) योजना के तहत यह सरसों 2,650 रुपये प्रति क्विंटल की दर से खरीदी गई थी।
छत्तीसगढ़ की फर्म को बेची गई सरसों
जब यह माल छत्तीसगढ़ के राजनंदगांव की एक फर्म को बेचा गया, तो खरीदार को शक हुआ कि माल की गुणवत्ता ठीक नहीं है। इसके बाद NAFED के अधिकारियों ने गोदाम के कर्मचारियों, सहकारी समिति के प्रतिनिधियों और सर्वेक्षकों की मौजूदगी में जांच की।
FIR और जांच जारी
जांच में यह खुलासा हुआ कि गोदाम में रखे सरसों का लगभग 40% हिस्सा मिट्टी के दानों से भरा हुआ था। NAFED ने इस मामले में FIR दर्ज कराई है और जांच जारी है। पांच अधिकारियों को इस मामले में शामिल मानकर कार्रवाई की जा रही है।
यह मामला उपभोक्ताओं के लिए संकट और सुरक्षा का बड़ा संदेश है, क्योंकि खाने-पीने की चीजों में मिलावट जानलेवा हो सकती है।