
पटना। बिहार की एनडीए सरकार ने राज्य में युवाओं को रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए ऐतिहासिक पहल की है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हाल ही में हुई कैबिनेट बैठक में ‘बिहार वैश्विक क्षमता केंद्र (GCC) नीति-2026’ को मंजूरी दी गई। इस नीति का उद्देश्य बिहार के युवाओं को आईटी और सेवा क्षेत्रों में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना और उन्हें दूसरे राज्यों में रोजगार की तलाश नहीं करनी पड़े, इसे सुनिश्चित करना है।
नीति के तहत राज्य में कॉल सेंटर या ग्लोबल क्षमता केंद्र स्थापित करने वाली राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कंपनियों को वित्तीय सहायता दी जाएगी। इस अनुदान के अंतर्गत कंपनियों के कुल पूंजीगत व्यय का 30% तक अनुदान प्रदान किया जाएगा, जिसकी अधिकतम सीमा 50 करोड़ रुपये रखी गई है। यदि कंपनियां बिहार के स्थानीय युवाओं को अधिक संख्या में रोजगार देती हैं, तो इस अनुदान की सीमा और बढ़ाई जा सकती है।
उद्योग विभाग के सचिव कुंदन कुमार ने बताया कि यह पहल निवेश और रोजगार दोनों बढ़ाने में मदद करेगी। अनुदान केवल इंफ्रास्ट्रक्चर तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि कंपनियों को कार्यालय के किराये, रिसर्च और डेवलपमेंट तथा अन्य परिचालन खर्चों में भी सहायता मिलेगी।
सरकार का यह कदम बिहार में रोजगार के नए अवसर खोलने के साथ-साथ कंपनियों के लिए भी वित्तीय लाभ सुनिश्चित करेगा। नीति के लागू होने के बाद राज्य में युवाओं के लिए आईटी और सेवा क्षेत्र में बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन की उम्मीद है।