Saturday, January 31

महेंद्र सिंह धोनी से मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और कल्पना सोरेन की मुलाकात शिष्टाचार भेंट या भविष्य की किसी बड़ी पहल का संकेत?

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और गांडेय विधायक कल्पना सोरेन की टीम इंडिया के पूर्व कप्तान और क्रिकेट विश्व कप विजेता महेंद्र सिंह धोनी से अचानक हुई मुलाकात ने राज्य की राजनीति और सामाजिक गलियारों में चर्चाओं को तेज कर दिया है। यह मुलाकात राजधानी रांची में हुई, जिसकी जानकारी स्वयं मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सार्वजनिक की।

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धोनी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के साथ-साथ विधायक कल्पना सोरेन से भी मुलाकात की। हालांकि इस मुलाकात के पीछे की औपचारिक वजह सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आई है, लेकिन इसे नए साल के अवसर पर हुई शिष्टाचार भेंट माना जा रहा है।

 

राज्य के गौरव और आपसी सम्मान का संदेश

सूत्रों के अनुसार, इस मुलाकात के दौरान राज्य से जुड़े कई विषयों पर अनौपचारिक बातचीत हुई। मुख्यमंत्री और महेंद्र सिंह धोनी ने एक-दूसरे को नववर्ष की शुभकामनाएं भी दीं। कल्पना सोरेन की मौजूदगी ने इस भेंट को और भी विशेष बना दिया, जिसे झारखंड के प्रमुख चेहरों के बीच आपसी सम्मान और सौहार्द के रूप में देखा जा रहा है।

 

दावोस में धोनी का उल्लेख बना चर्चा का आधार

गौरतलब है कि हाल ही में दावोस में आयोजित विश्व आर्थिक मंच की बैठक के दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने महेंद्र सिंह धोनी का उल्लेख झारखंड की स्पोर्टिंग लीगेसी’ के प्रतीक के रूप में किया था। उन्होंने कहा था कि धोनी जैसे वैश्विक पहचान वाले खिलाड़ी के साथ मिलकर राज्य में अंतरराष्ट्रीय स्तर की खेल अकादमियां विकसित की जा सकती हैं।

इसी पृष्ठभूमि में इस मुलाकात को खेल और युवा विकास से जुड़ी संभावनाओं से जोड़कर भी देखा जा रहा है।

 

पर्यटन और खेल विकास से जुड़ी संभावनाएं

पिछले कुछ समय से झारखंड सरकार राज्य के पर्यटन और खेल बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर जोर दे रही है। चर्चा है कि सरकार महेंद्र सिंह धोनी को झारखंड पर्यटन का ब्रांड एंबेसडर बनाने और खेल क्षेत्र में उनके अनुभव का लाभ उठाने पर भी विचार कर रही है।

वहीं, विधायक बनने के बाद कल्पना सोरेन की सक्रिय भूमिका के चलते इस तरह की मुलाकातों को राज्य के प्रमुख व्यक्तित्वों के बीच सकारात्मक संवाद के रूप में देखा जा रहा है।

 

सकारात्मक प्रतीकात्मकता

हाल ही में गणतंत्र दिवस के अवसर पर झारखंड आंदोलन के पुरोधा शिबू सोरेन को मिले पद्म भूषण सम्मान के बाद यह मुलाकात भी राज्य के गौरवशाली प्रतीकों के बीच एक सकारात्मक मेल-जोल के रूप में सामने आई है।

फिलहाल, इस भेंट को लेकर किसी राजनीतिक या प्रशासनिक निर्णय की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन यह मुलाकात झारखंड के खेल, पर्यटन और पहचान से जुड़े भविष्य के संकेत जरूर दे रही है।

 

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