
झारखंड के जमशेदपुर में चर्चित उद्योगपति देवांग गांधी के पुत्र कैरव गांधी (24) के अपहरण कांड का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा करते हुए बिहार के कुख्यात ‘सिंह साहब’ किडनैप गैंग के सरगना समेत सात आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। यह गिरोह बिहार के गया, नालंदा और औरंगाबाद जिलों में सक्रिय बताया जा रहा है।
पुलिस जांच में सामने आया है कि अपहरण की यह वारदात पूरी तरह सुनियोजित और पेशेवर तरीके से अंजाम दी गई थी। अपराधियों ने खुद को पुलिसकर्मी बताकर, पुलिस स्टिकर लगी स्कॉर्पियो से कैरव गांधी को बीच रास्ते से अगवा कर लिया था।
फर्जी पुलिस बनकर दिया वारदात को अंजाम
घटना 13 जनवरी की है। कैरव गांधी अपने घर से बैंक और कंपनी के काम से निकले थे। इसी दौरान बिष्टुपुर की ओर जाते समय उन्हें रोककर किडनैप कर लिया गया। जांच में पता चला कि बदमाशों ने वारदात से लगभग एक सप्ताह पहले कैरव की गहन रेकी की थी। शक से बचने के लिए फर्जी नंबर प्लेट और पुलिस स्टिकर का इस्तेमाल किया गया।
इंडोनेशियाई वर्चुअल नंबर से मांगी 10 करोड़ की फिरौती
अपहरण के बाद परिजनों से इंडोनेशियाई वर्चुअल नंबरों के जरिए 10 करोड़ रुपये की फिरौती मांगी गई। अपराधियों ने VOIP तकनीक का सहारा लिया, जिससे कॉल ट्रैक करना पुलिस के लिए चुनौतीपूर्ण हो गया। बावजूद इसके, झारखंड पुलिस ने तकनीकी एजेंसियों की मदद से अपराधियों की लोकेशन पर नजर बनाए रखी।
बॉर्डर पर घेराबंदी, सड़क पर छोड़कर भागे अपराधी
26-27 जनवरी की रात पुलिस को सूचना मिली कि अपहरणकर्ता कैरव गांधी को बिहार से झारखंड की ओर ला रहे हैं। चौपारण–बरही बॉर्डर पर पुलिस की घेराबंदी देख बदमाश घबरा गए और कैरव को सड़क पर धकेलकर फरार होने लगे। मौके से तीन आरोपियों को दबोच लिया गया।
इनकी निशानदेही पर बिहार के गया, नालंदा और औरंगाबाद में छापेमारी कर सरगना उपेंद्र सिंह, अर्जुन सिंह और गुड्डू सिंह समेत कुल सात आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
हथियार और दो स्कॉर्पियो बरामद
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से हथियार, कारतूस और दो स्कॉर्पियो वाहन बरामद किए हैं। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, यह गिरोह लंबे समय से अपहरण की वारदातों में शामिल रहा है और खुद को ‘सिंह साहब गैंग’ के नाम से पहचान देता था।
तकनीकी एजेंसियों की अहम भूमिका
कैरव गांधी को सकुशल बरामद करने के बाद उनकी मेडिकल जांच कराई गई, जिसमें उनकी हालत सामान्य पाई गई। इस हाई-प्रोफाइल केस को सुलझाने में दिल्ली और पंजाब की तकनीकी एजेंसियों ने झारखंड पुलिस को अहम इनपुट दिए।
पुलिस का दावा—गिरोह की कमर टूटी
पुलिस का कहना है कि इस कार्रवाई से बिहार-झारखंड सीमा पर सक्रिय अपहरण गिरोहों को बड़ा झटका लगा है। ‘सिंह साहब’ गैंग के सरगना की गिरफ्तारी से कई पुराने मामलों के खुलासे की उम्मीद भी जताई जा रही है।