
नई दिल्ली: दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) अब अपने 100 बड़े पार्कों में लगे सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) से निकलने वाले पानी के सही उपयोग पर रियल टाइम निगरानी करेगा। इसका उद्देश्य ट्रीटेड पानी का उपयोग केवल सिंचाई, बागवानी और झीलों के पुनरुद्धार जैसी जरूरी गतिविधियों के लिए सुनिश्चित करना है।
मुख्य पहल:
- डीडीए ने इस काम के लिए विशेषज्ञ फर्मों से एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट मंगाए हैं।
- फर्में पार्कों में ऑटोमेशन सिस्टम इंस्टॉल करेंगी, जो पानी की मात्रा, गुणवत्ता, बीओडी, सीओडी, टीएसएस और पीएच स्तर की निगरानी करेगा।
- सिस्टम एक दिन में 100 किलोलीटर क्षमता तक के पानी की निगरानी कर सकेगा।
- इस पहल से डीडीए के पार्क कॉम्प्लेक्स में बनी झीलों को सुरक्षित और समय पर पानी उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
लाभ और जरूरत:
- डीडीए वर्तमान में 16,000 एकड़ क्षेत्र में ग्रीन स्पेस मैनेज कर रहा है, जिसमें 729 पार्क और 21,000 एकड़ में बायोडायवर्सिटी पार्क शामिल हैं।
- 100 बड़े पार्कों में 2020 से 2024 के बीच लगाए गए STP की पहचान की गई है।
- अभी तक इन STP की कोई रियल टाइम मॉनिटरिंग नहीं हो रही थी। समस्या का पता देर से चलता था और झीलों या बागवानी को नुकसान पहुंचता था।
- रियल टाइम मॉनिटरिंग से पानी की क्वालिटी में मामूली खराबी आने पर तुरंत अलर्ट मिलेगा और समय रहते समाधान किया जा सकेगा।
विशेषज्ञ रिपोर्ट:
- डीडीए विशेषज्ञ एजेंसी की नियुक्ति करेगा, जो प्रति केएलडी खर्च, ऑपरेशन और मेंटेनेंस कॉस्ट, बिजली की खपत, पर्यावरणीय प्रभाव और ट्रीटेड पानी की गुणवत्ता का अध्ययन कर रिपोर्ट तैयार करेगी।
इस पहल से राजधानी में हर बूंद पानी का सही इस्तेमाल सुनिश्चित होगा और ग्रीन स्पेस के रख-रखाव में सुधार होगा।