
संभल: उत्तर प्रदेश के संभल में विवादित ढांचे शाही जामा मस्जिद/हरिहर मंदिर के सर्वे के दौरान हुई हिंसा के मामले में बड़ा कानूनी मोड़ सामने आया है। इस हिंसा में पुलिसकर्मियों पर एफआईआर दर्ज करने के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) के आदेश को अब हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है।
जानकारी के अनुसार, 24 नवंबर 2024 को अदालत के आदेश पर मस्जिद/मंदिर परिसर में सर्वे किया जा रहा था। इसी दौरान बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हो गए और हालात तेजी से बेकाबू हो गए। पथराव, आगजनी और गोलीबारी की घटनाओं में चार लोगों की मौत हुई, जबकि 29 पुलिसकर्मी घायल हुए थे। प्रशासन ने तुरंत उपद्रवियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की।
22 पुलिसकर्मियों पर FIR का आदेश
संभल के खग्गू सराय निवासी यामीन की अर्जी पर सीजेएम न्यायालय ने 9 जनवरी 2025 को तत्कालीन सीओ अनुज चौधरी, इंस्पेक्टर अनुज तोमर समेत 22 पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए थे। यामीन का आरोप था कि सर्वे के दौरान पुलिस ने भीड़ पर गोलीबारी की, जिसमें उनके बेटे आलम को तीन गोलियां लगीं। भय के कारण बेटे का इलाज मेरठ में गुप्त रूप से कराया गया।
हाईकोर्ट में चुनौती
सीजेएम के आदेश के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। संभल के एसपी कृष्ण कुमार विश्नोई ने बताया कि सरकार की ओर से इस आदेश के खिलाफ हाईकोर्ट में रिवीजन याचिका दाखिल की गई है। याचिका में निचली अदालत के एफआईआर दर्ज करने के आदेश को निरस्त करने की मांग की गई है। फिलहाल मामले की सुनवाई हाईकोर्ट में होना बाकी है।
पुलिस अधिकारियों की अलग याचिका
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, तत्कालीन सीओ अनुज चौधरी और इंस्पेक्टर अनुज तोमर ने अपने निजी अधिवक्ताओं के माध्यम से हाईकोर्ट में अलग याचिका दाखिल की है, जिसमें CJM के आदेश को रद्द करने की मांग की गई है।
CJM के ट्रांसफर पर सवाल
इस मामले को लेकर विवाद तब और बढ़ा जब एफआईआर का आदेश देने वाले तत्कालीन सीजेएम विभांशु सुधीर का ट्रांसफर सुल्तानपुर कर दिया गया। ट्रांसफर पर सवाल उठाते हुए अधिवक्ताओं ने ज्ञापन भी सौंपा था।
वर्तमान में अनुज चौधरी प्रमोशन के बाद फिरोजाबाद में ASP के पद पर तैनात हैं, जबकि इंस्पेक्टर अनुज तोमर वर्तमान में चंदौसी कोतवाली में कार्यरत हैं।