Thursday, January 29

गया एयरपोर्ट पर संकट: पीक टूरिस्ट सीजन में ‘बिना पायलट’ का संचालन

गया, 29 जनवरी 2026: बोधगया के पीक टूरिस्ट सीजन के बीच गया इंटरनेशनल एयरपोर्ट का निदेशक पद पिछले तीन महीनों से खाली है। अक्टूबर के आखिरी सप्ताह में तत्कालीन निदेशक बंगजीत साहा का डिब्रूगढ़ ट्रांसफर होने के बाद अब तक नियमित निदेशक की नियुक्ति नहीं हो सकी है। ऐसे समय में जब एयरपोर्ट पर यात्रियों की आवाजाही सबसे अधिक रहती है, यह स्थिति गंभीर चिंता का विषय बन गई है। फिलहाल अवधेश कुमार कार्यकारी निदेशक के रूप में जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।

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लंबित विकास और अपग्रेडेशन के काम
एयरपोर्ट सूत्रों के अनुसार, नियमित निदेशक के अभाव में कई विकास, नवीनीकरण और अपग्रेडेशन के निर्णय लंबित हैं। इनमें CAT अप्रोच लाइट सिस्टम की स्थापना शामिल है, जो कम दृश्यता में पायलटों को लैंडिंग और टेक-ऑफ में मदद करता है। इस सिस्टम की स्थापना के लिए अतिरिक्त 18 एकड़ जमीन की आवश्यकता है। इसके अलावा एयरपोर्ट के इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम (ILS) को भी अपग्रेड करने की जरूरत बताई जा रही है, ताकि हर मौसम में बेहतर संचालन संभव हो सके।

रनवे विस्तार और टर्मिनल की आवश्यकता
वर्तमान में रनवे की लंबाई 2,286 मीटर और चौड़ाई 30 मीटर है, जो वाइड-बॉडी विमानों के संचालन के लिए पर्याप्त नहीं है। विशेषज्ञों के अनुसार, बड़े विमानों के संचालन के लिए रनवे को कम से कम 500 मीटर लंबा और 15 मीटर चौड़ा करना जरूरी है। इसके साथ ही टर्मिनल बिल्डिंग का विस्तार, यात्रियों के लिए बेहतर सुविधाएं, अतिरिक्त एयरोब्रिज, अंतरराष्ट्रीय आगमन-प्रस्थान लाउंज, इमिग्रेशन, कस्टम्स और सुरक्षा व्यवस्था को भी अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप अपग्रेड करने की जरूरत है।

कार्यकारी निदेशक का बयान और स्थानीय प्रतिक्रिया
अवधेश कुमार ने कहा कि नियमित निदेशक के न होने से एयरपोर्ट के कामकाज पर कोई असर नहीं पड़ता। हालांकि, बोधगया होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष जय सिंह ने इसे एयरपोर्ट की अनदेखी का संकेत बताया। वहीं, मगध इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के अध्यक्ष अनुप केडिया ने जल्द से जल्द नियमित निदेशक की नियुक्ति की मांग की है।

नोट: बोधगया का पर्यटन सीजन अक्टूबर से मार्च तक चलता है, और इस दौरान नियमित निदेशक की अनुपस्थिति यात्रियों और पर्यटन व्यवस्था दोनों के लिए चुनौतीपूर्ण साबित हो रही है।

 

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