
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि आधुनिक युद्ध अब केवल सीमाओं, टैंकों या तोपों तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह ‘कोड’ और ‘क्लाउड’ तक फैल चुका है। उनका इशारा साइबर और सूचना युद्ध की बढ़ती भूमिका की ओर था। प्रधानमंत्री बुधवार को दिल्ली छावनी स्थित करियप्पा परेड ग्राउंड में आयोजित वार्षिक एनसीसी प्रधानमंत्री रैली को संबोधित कर रहे थे।
प्रधानमंत्री ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर ने भारत की सैन्य शक्ति, सशस्त्र बलों की वीरता और स्वदेशी रक्षा उपकरणों की प्रगति को स्पष्ट रूप से प्रदर्शित किया है। उन्होंने चेतावनी दी कि जो देश तकनीक के क्षेत्र में पिछड़ जाते हैं, वे न केवल आर्थिक रूप से कमजोर होते हैं, बल्कि उनकी राष्ट्रीय सुरक्षा भी खतरे में पड़ जाती है।
एनसीसी कैडेटों की भूमिका की सराहना करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान देशभर में 75 हजार से अधिक एनसीसी कैडेटों ने नागरिक सुरक्षा, अस्पताल प्रबंधन, आपदा राहत और सामुदायिक सेवाओं में स्वेच्छा से महत्वपूर्ण योगदान दिया। उन्होंने इसे राष्ट्र निर्माण में युवाओं की सक्रिय भागीदारी का उत्कृष्ट उदाहरण बताया।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि एनसीसी का प्रशिक्षण केवल परेड ग्राउंड तक सीमित नहीं है, बल्कि यह युवाओं में ‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना विकसित करता है, जो कठिन परिस्थितियों में देश के लिए समर्पित होकर कार्य करने की प्रेरणा देती है।
उन्होंने कहा कि रक्षा क्षेत्र में तकनीक-उन्मुख और नवाचार से जुड़े युवाओं के लिए नए अवसर खुल रहे हैं। ‘मेक इन इंडिया’ के तहत ड्रोन, कृत्रिम मेधा (एआई) और रक्षा स्टार्टअप्स सशस्त्र बलों के आधुनिकीकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। प्रधानमंत्री ने युवाओं से इन अवसरों का पूरा लाभ उठाने का आह्वान किया।
प्रधानमंत्री ने हाल ही में मनाए गए राष्ट्रीय मतदाता दिवस का भी उल्लेख किया और कहा कि यह संविधान द्वारा प्रदत्त अधिकारों और जिम्मेदारियों का उत्सव है। उन्होंने सुझाव दिया कि एनसीसी, एनएसएस और ‘माय यंग इंडिया’ जैसे संगठन हर वर्ष 25 जनवरी को पहली बार मतदान करने वाले युवाओं के सम्मान में विशेष कार्यक्रम आयोजित करें, जिससे लोकतंत्र के प्रति जागरूकता और जिम्मेदारी की भावना मजबूत हो।
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने युवाओं में बढ़ते मोटापे पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि एक विकसित भारत केवल आर्थिक समृद्धि से नहीं, बल्कि नागरिकों के स्वस्थ आचरण और कर्तव्यनिष्ठा से बनता है। उन्होंने तेल की खपत को कम करने, स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और प्रत्येक सप्ताह कम से कम एक घंटा स्वच्छता अभियान के लिए समर्पित करने की अपील की।
इस अवसर पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ, केंद्रीय मंत्री मनसुख मंडाविया, प्रमुख रक्षा अध्यक्ष तथा थल, जल और वायु सेनाओं के प्रमुख भी उपस्थित थे।