
मथुरा।
विश्व प्रसिद्ध श्रीबांकेबिहारी मंदिर के गर्भगृह की चौखट और देहरी से चांदी गायब होने की अफवाहों ने श्रद्धालुओं के बीच हलचल मचा दी। सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में चांदी चोरी होने के दावे किए जा रहे थे, लेकिन मंदिर प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि चांदी चोरी नहीं हुई है। वास्तव में भक्तों द्वारा चढ़ाए जाने वाले केमिकल युक्त इत्र की वजह से चांदी गलकर नष्ट हो रही है।
इत्र ने चांदी को किया नुकसान
मंदिर गर्भगृह की चौखट पर लगभग साढ़े दस किलो चांदी की परत चढ़ाई गई थी। श्रद्धालु बड़ी आस्था के साथ ठाकुरजी की चौखट और देहरी पर इत्र अर्पित करते हैं। जांच में पता चला कि बाज़ार में मिलने वाले मिलावटी और रासायनिक युक्त इत्र के सीधे संपर्क में आने से चांदी की रासायनिक प्रतिक्रिया हो रही है, जिससे कई जगहों से चांदी पूरी तरह कट गई और नीचे की लकड़ी दिखाई देने लगी।
मंदिर के हाई पावर्ड प्रबंध कमेटी के सदस्य दिनेश गोस्वामी ने कहा, “ठाकुरजी की सेवा में इस्तेमाल होने वाले केमिकल युक्त इत्र ने चांदी को नुकसान पहुंचाया है। चोरी की खबरें पूरी तरह भ्रामक हैं। सुरक्षा के लिहाज से अब गर्भगृह के आसपास सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे।”
सोशल मीडिया पर अफवाहों का तूल
बीते कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में चांदी चोरी से जोड़कर दिखाया जा रहा था। चांदी की वर्तमान ऊँची कीमतों के कारण ये दावे तेजी से फैल गए। हालांकि, प्रबंधक ने इन दावों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि यह शुद्ध रूप से रसायनों के प्रभाव का मामला है।
भविष्य के लिए सुरक्षा उपाय
मंदिर प्रबंधन ने चांदी को भविष्य में होने वाले नुकसान से बचाने और सुरक्षा बढ़ाने के लिए गर्भगृह और चौखट पर हाई-टेक CCTV कैमरे लगाने का निर्णय लिया है। भक्तों से अपील की जा रही है कि वे चौखट पर सीधे इत्र लगाने से बचें। साथ ही नष्ट हुई चांदी की मरम्मत की योजना पर भी विचार किया जा रहा है।