
अबू धाबी/रियाद: सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के बीच यमन को लेकर जारी तनाव के बीच सऊदी अरब में नस्लवादी रुख सामने आया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कुछ सऊदी नागरिक सोशल मीडिया पर भारतीयों और दक्षिण एशियाई समुदायों के खिलाफ आपत्तिजनक और अपमानजनक टिप्पणियाँ कर रहे हैं।
यूएई निवासी मिशाल अल शम्सी (@mes_alshamsi) ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर इस मामले का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि सऊदी लोग अपने विरोधियों, विशेषकर अमीराती और मिस्रियों को नीचा दिखाने के लिए “इंडियन” और “बांग्लादेशी” जैसे शब्दों का अपमानजनक इस्तेमाल कर रहे हैं। मिशाल ने कई स्क्रीनशॉट शेयर करते हुए बताया कि सऊदी लोग यह मानते हैं कि इससे उनकी प्रतिष्ठा बढ़ती है, जबकि उन्हें यह पता नहीं कि भारतीय भी उनकी तरह महान वैज्ञानिक, डॉक्टर, कलाकार और इतिहास में प्रसिद्ध हस्तियों से भरे हुए हैं।
मिशाल की बात को खालिद हसन (@Khaledhzakariah) ने समर्थन दिया और लिखा कि सऊदी लोग अक्सर इलाके के किसी भी देश के साथ मतभेद होने पर नस्लवादी हमले करते हैं। उनका यह रवैया दर्शाता है कि वे खुद को इस क्षेत्र में “शुद्ध खून वाले” देश के रूप में मानते हैं और दूसरों को नीचा दिखाने की प्रवृत्ति रखते हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह अभियान ऐसे समय में तेज हुआ है, जब सऊदी अरब और UAE के बीच यमन को लेकर कूटनीतिक और सैन्य तनाव बढ़ा हुआ है।