
ग्वालियर।
प्रेम, भरोसे और रिश्तों की मर्यादा को शर्मसार कर देने वाली दिल दहला देने वाली घटना ग्वालियर से सामने आई है। गिरवाई थाना क्षेत्र में सगाई से नाराज युवक ने अपनी प्रेमिका की बेरहमी से हत्या कर दी। ढाई साल के प्रेम संबंध के बाद जब युवती की शादी कहीं और तय हुई, तो आरोपी युवक इसे स्वीकार नहीं कर सका और गुस्से में आकर उसने हैवानियत की सारी हदें पार कर दीं।
हत्या के समय युवक बार-बार यही सवाल करता रहा—
“जब मुझे छोड़ना ही था, तो प्यार का नाटक क्यों किया?”
बचपन की जान-पहचान प्यार में बदली
गिरवाई क्षेत्र की रहने वाली 21 वर्षीय निशा कुशवाह और उसका पड़ोसी समीर कुशवाह बचपन से एक-दूसरे को जानते थे। करीब ढाई वर्ष पहले दोनों के बीच प्रेम संबंध स्थापित हुआ। इसी दौरान समीर बेरोजगार था, जिसके चलते निशा के परिजनों ने उसका रिश्ता कहीं और तय कर दिया।
परिवार के दबाव में निशा ने विवाह के लिए सहमति दी और 20 अप्रैल को शादी की तारीख तय हो गई।
शादी तय होते ही बढ़ी दूरी
शादी तय होने के बाद निशा ने समीर से बातचीत बंद कर दी। लगातार अनदेखी से समीर भीतर ही भीतर उबलता रहा। वह इस सच्चाई को स्वीकार नहीं कर पा रहा था कि जिससे उसने साथ जीने–मरने की कसमें खाई थीं, वही अब उससे दूरी बना रही है।
घर में घुसकर किया हमला
20 जनवरी दोपहर करीब 1:45 बजे, जब निशा घर में अकेली थी, आरोपी समीर बाउंड्री वॉल फांदकर उसके घर में घुस गया। उसने निशा से जबरन बात करने और शादी करने की गुहार लगाई, लेकिन निशा ने साफ शब्दों में इनकार कर दिया और उसे वहां से जाने को कहा।
यही बात समीर को नागवार गुजरी।
हंसिए से गला रेता, फिर पत्थर से हमला
गुस्से में आकर समीर ने पास पड़े हंसिए से निशा के गले पर वार कर दिया। जब वह खून से लथपथ होकर जमीन पर गिर पड़ी और तड़पने लगी, तब भी आरोपी नहीं रुका। उसने पत्थर उठाकर उसके सिर पर हमला किया, जिससे मौके पर ही निशा की मौत हो गई।
हत्या के दौरान युवती के साथ अत्यधिक क्रूरता किए जाने के प्रमाण भी पुलिस जांच में सामने आए हैं।
वारदात के बाद फरार
हत्या के बाद आरोपी बाइक से फरार हो गया। सूचना मिलते ही पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और साक्ष्य जुटाए। प्रारंभिक जांच में मामला प्रेम-प्रसंग से जुड़ा हत्या का सामने आया।
शादी तुड़वाने की कर चुका था कोशिश
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी ने शादी रुकवाने के लिए कई हथकंडे अपनाए थे। उसने मोहल्ले में युवती की बदनामी की, उसके मंगेतर को फोन कर प्रेम संबंध की जानकारी दी और यहां तक कि बारात आने पर जान से मारने की धमकी भी दी थी।
22 जनवरी को आरोपी गिरफ्तार
लगातार तलाश के बाद पुलिस ने 22 जनवरी को समीर कुशवाह को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उसने अपना जुर्म कबूल करते हुए बताया कि प्रेमिका की बेरुखी और उसकी शादी तय होने से वह मानसिक रूप से बौखला गया था।
समाज के लिए चेतावनी
यह घटना एक बार फिर यह सवाल खड़ा करती है कि प्रेम जब अधिकार और अहंकार में बदल जाए, तो वह जानलेवा बन जाता है।
कानून व्यवस्था के साथ-साथ समाज के लिए भी यह गंभीर चेतावनी है कि अस्वीकार (रिजेक्शन) को हिंसा में बदलने की मानसिकता कितनी भयावह हो सकती है।