Wednesday, January 28

‘राम नाम सत्य है, न्याय मिले या मौत’ – कलेक्ट्रेट पहुंचे फरियादी पर तहसीलदार भड़क गईं, कहा- नाटक करोगे तो पुलिस बुला दूंगी

नर्मदापुरम: नर्मदापुरम स्थित कलेक्ट्रेट में मंगलवार को जनसुनवाई के दौरान अजीबोगरीब दृश्य देखने को मिला। सिवनी मालवा से अपनी जमीन की समस्या लेकर आए दो भाई अर्धनग्न होकर हाथों में कफन और माला लिए ‘राम नाम सत्य है’ के नारे लगाते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे। उनका यह कदम देख तहसीलदार सरिता मालवीय भड़क गईं और सख्त लहजे में कहा कि “नाटक मत करो, अभी पुलिस बुलाकर सबको अंदर करवा दूंगी।”

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तहसीलदार ने संजीदगी से संभाला मामला
तहसीलदार के इस कड़े रुख के बाद पीड़ित परिवार सहम गया। परिवार की बुजुर्ग मां और दोनों बेटों ने तहसीलदार के सामने अपने पैर झुकाए और न्याय की भीख मांगी। उन्होंने बताया कि लंबे समय से उनकी सुनवाई नहीं हो रही थी, इसलिए मजबूरी में इस तरह का कदम उठाना पड़ा।

परिवारों ने नहीं खोया आपा
तहसीलदार की फटकार के बावजूद पीड़ित परिवार ने अपना आपा नहीं खोया। अधिकारियों ने परिवार को कफन और फूल बाहर छोड़ने को कहा, लेकिन परिवार ने इसे स्वीकार नहीं किया। इसके बाद एसडीएम जय सोलंकी और तहसीलदार ने उन्हें कपड़े पहनने के लिए कहा। इस बीच अधिकारियों का गुस्सा धीरे-धीरे शांत हुआ।

न्याय की मांग के लिए अनूठा प्रदर्शन
इस घटना ने दिखाया कि लंबे समय तक न्याय न मिलने पर आम लोग किस हद तक मजबूर हो सकते हैं। पीड़ितों का यह अनूठा प्रदर्शन प्रशासन के लिए चेतावनी भी बन गया कि जनता की समस्याओं को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

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