
दमोह/जबलपुर: दमोह जिले के हटा निवासी स्वयं अग्रवाल और आर्या मिश्रा की प्रेम कहानी अब न्यायालय की दहलीज तक पहुँच गई है। 29 दिसंबर को दोनों ने आपसी सहमति से हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार विवाह किया था। हालांकि, युवती के परिवार द्वारा इस अंतरजातीय विवाह का विरोध किया जा रहा है और नवविवाहित दंपति को जान से मारने की धमकियों का सामना करना पड़ रहा है।
युवक को मिली गंभीर धमकी
युवती के परिजनों ने युवक और उसके परिवार को झूठे आपराधिक मामलों में फंसाने की धमकी दी। इसके अलावा, युवक की हटा स्थित किराना दुकान में आग लगाने की चेतावनी भी दी गई। इस कारण 7 जनवरी को नवविवाहित युवक और उसके पिता ने पुलिस अधीक्षक दमोह से सुरक्षा की गुहार लगाई।
हाईकोर्ट ने लिया संज्ञान
जबलपुर हाईकोर्ट की एकलपीठ ने मामले की सुनवाई के दौरान दमोह पुलिस अधीक्षक को निर्देश दिए कि वे नवदंपति की जान और आजादी की सुरक्षा सुनिश्चित करें। अदालत ने स्पष्ट किया कि याचिकाकर्ता पति-पत्नी बालिग हैं और उन्होंने अपनी मर्जी से विवाह किया है। साथ ही, अदालत ने कहा कि उन्हें झूठे आपराधिक मामलों में फंसाने या जान से मारने की धमकी दी जा रही है, जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
राज्य की ओर से कोई तर्क नहीं
सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से याचिका का कोई प्रभावी विरोध नहीं किया जा सका। शासकीय अधिवक्ता बालिग होने और मर्जी से शादी करने संबंधी कोई ठोस तर्क प्रस्तुत नहीं कर पाए।
सुरक्षा के लिए कदम उठाने के निर्देश
अदालत ने स्पष्ट किया कि दमोह पुलिस अधीक्षक को याचिकाकर्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उचित कदम उठाने होंगे। नवदंपति की ओर से अधिवक्ता विशाल डेनियल ने पैरवी की।