
नई दिल्ली: केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मंगलवार को बताया कि सरकार का लक्ष्य 2032 तक 3-नैनोमीटर नोड के उच्च तकनीक वाले छोटे चिप का निर्माण करना है, जो आधुनिक स्मार्टफोन, कंप्यूटर और अन्य उच्च तकनीक उपकरणों में इस्तेमाल होंगे।
मंत्री ने कहा कि डिजाइन-आधारित प्रोत्साहन (DLI) योजना के दूसरे चरण के तहत सरकार छह प्रमुख चिप श्रेणियों पर ध्यान केंद्रित करेगी:
- कंप्यूट
- रेडियो फ्रीक्वेंसी (RF)
- नेटवर्किंग
- ऊर्जा
- सेंसर
- मेमोरी
इन क्षेत्रों पर ध्यान देने से देश की कंपनियों को लगभग 70–75 प्रतिशत तकनीकी उत्पादों के विकास पर प्रमुख नियंत्रण मिलेगा।
योजना का लाभ
अश्विनी वैष्णव ने कहा कि अभी देश में चिप डिजाइन का काम किया जा रहा है, लेकिन विनिर्माण के स्तर पर 3-नैनोमीटर तक पहुंचना सरकार का अगला लक्ष्य है। 2029 तक देश में ऐसी चिप डिजाइन और विनिर्माण की क्षमता विकसित हो जाएगी, जिनकी जरूरत देश में लगभग 70–75 प्रतिशत अनुप्रयोगों में होती है।
मंत्री ने यह भी बताया कि शिक्षा और उद्योग जगत को नए विचार, नवाचार और समाधान लेकर आने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। हर क्षेत्र को इन छह प्रकार की चिप्स के किसी न किसी संयोजन की आवश्यकता होगी, जिससे भारत का सेमीकंडक्टर डिजाइन क्षेत्र समग्र और व्यापक रूप से विकसित होगा।