
नई दिल्ली, 27 जनवरी 2026: बांग्लादेश को टी20 वर्ल्ड कप 2026 से बाहर किए जाने के बाद पाकिस्तान ने विरोध जताया है और खुद भी बॉयकॉट की धमकी दी है। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) ने टीम घोषित कर दी है, लेकिन बोर्ड चेयरमैन मोहसिन नकवी ने कहा कि भारत भेजने का अंतिम फैसला सरकार की मंजूरी के बाद ही होगा। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ के साथ नकवी की बैठक के बाद आखिरी फैसला इस शुक्रवार या अगले सोमवार तक बताया जाएगा।
विशेषज्ञों के अनुसार, यदि पाकिस्तान बॉयकॉट करता है तो यह उसके लिए भारी पड़ सकता है। आइए जानते हैं 5 बड़े कारण:
- ICC प्रतिबंध का खतरा
PCB द्वारा बॉयकॉट को ‘राजनीतिक हस्तक्षेप’ माना जा सकता है। ICC पाकिस्तान पर इवेंट्स के आयोजन, ग्लोबल क्रिकेट और द्विपक्षीय सीरीज पर प्रतिबंध लगा सकती है। यह स्थिति पहले साउथ अफ्रीका, जिम्बाब्वे और श्रीलंका पर भी देखी जा चुकी है।
- पार्टिसिपेशन एग्रीमेंट टूटने का आरोप
टी20 वर्ल्ड कप में हिस्सा लेने के लिए हर फुल मेंबर देश ICC के साथ टूर्नामेंट पार्टिसिपेशन एग्रीमेंट (TPA) साइन करता है। बॉयकॉट करने पर पाकिस्तान पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
- अरबों रुपये का नुकसान
आईसीसी की रेवेन्यू शेयरिंग से पाकिस्तान को करीब 316 करोड़ रुपये और टी20 वर्ल्ड कप में भाग लेने से लगभग 64 करोड़ रुपये की अतिरिक्त कमाई होती। बॉयकॉट के कारण ये सभी रेवेन्यू उनसे छिन जाएंगे।
- PSL पर असर, विदेशी प्लेयर्स नहीं आएंगे
पाकिस्तान सुपर लीग (PSL) के लिए विदेशी खिलाड़ियों को NOC मिलने में मुश्किलें आएंगी। ICC और अन्य देश बोर्ड इस पर रोक लगा सकते हैं। यह PSL की विश्वसनीयता और रेवेन्यू पर बड़ा झटका होगा।
- क्रिकेट बिरादरी में अलग-थलग
बॉयकॉट के कारण पाकिस्तान पूरी तरह अलग-थलग हो जाएगा। कोई भी देश ICC की मंजूरी के बिना वहां नहीं खेल पाएगा। एशिया कप और ओलंपिक जैसी प्रतियोगिताओं में भी टीम को भेजने की अनुमति नहीं मिलेगी।
विशेषज्ञों का कहना है कि पाकिस्तान का यह कदम बोर्ड और देश दोनों के लिए ‘सुसाइड मिशन’ साबित हो सकता है, क्योंकि इससे आर्थिक और खेल की स्थिति दोनों पर गंभीर असर पड़ेगा।