Tuesday, January 27

गणतंत्र दिवस भाषण विवाद पालकमंत्री गिरीश महाजन पर महिला फॉरेस्ट गार्ड ने लगाए गंभीर आरोप, नासिक में हंगामा

नासिक: गणतंत्र दिवस पर नासिक में हुए झंडा फहराने के कार्यक्रम में पालकमंत्री गिरीश महाजन के भाषण ने एक विवाद को जन्म दे दिया। मंत्री ने अपने भाषण में संविधान निर्माता भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर का नाम नहीं लिया, जिससे महिला फॉरेस्ट गार्ड माधवी जाधव भड़क उठीं और उन्होंने मौके पर ही मंत्री से सवाल किया।

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महिला फॉरेस्ट गार्ड का आक्रोश

माधवी जाधव ने कहा, “बाबासाहेब संविधान के निर्माता हैं। आप उन्हें मिटाने चले हैं। मुझे सस्पेंड कर दिया जाए, तो भी मैं किसी से नहीं डरूंगी। मेरी माफी नहीं मांगूंगी, लेकिन पालकमंत्री को अपनी गलती माननी चाहिए। मैं बाबासाहेब की पहचान मिटने नहीं दूंगी।”

उन्होंने आगे कहा कि वह मीडिया की कोई परवाह नहीं करतीं और अगर सस्पेंड किया गया तो रेत और मिट्टी का काम करेंगी, लेकिन संविधान निर्माता की सम्मान को नहीं दबने देंगी।

भाषण में बाबासाहेब का नाम क्यों नहीं आया?

माधवी जाधव ने सवाल किया कि गणतंत्र दिवस के अवसर पर भाषण देने वाले पालकमंत्री ने संविधान निर्माता और देश के महान नेता डॉ. अंबेडकर का नाम क्यों नहीं लिया। उन्होंने कहा, “25 जनवरी और 15 अगस्त पर नहीं, बल्कि लोकतंत्र के हर मौके पर हमें संविधान और उसके निर्माता का सम्मान करना चाहिए। पालकमंत्री भी संविधान के कारण ही पद पर हैं। अगर इस बार यह भूल हुई है, तो इसे सुधारा जाना चाहिए।”

गिरीश महाजन का बयान

घटना के बाद गिरीश महाजन ने अपनी गलती के लिए अफसोस जताया। उन्होंने कहा, “यह अनजाने में हुआ होगा। मेरा ऐसा कोई इरादा नहीं था। मैंने केवल भारत माता की जय, छत्रपति शिवाजी महाराज की जय और वंदे मातरम के नारे लगाए। अगर किसी को इससे कष्ट हुआ है, तो मैं माफी मांगता हूँ।”

विपक्ष और नेताओं की प्रतिक्रिया

घटना के बाद महाजन विपक्ष के निशाने पर आ गए। शिवसेना ठाकरे ग्रुप के अंबादास दानवे ने कहा कि बीजेपी संविधान का सम्मान नहीं करती। वहीं, वंचित बहुजन अघाड़ी के प्रमुख प्रकाश आंबेडकर ने माधवी जाधव से संपर्क कर पूरी जानकारी ली और केस दर्ज करने की मांग की। OBC नेता लक्ष्मण हेक ने गिरीश महाजन के सीधे इस्तीफे की मांग की।

पुलिस में शिकायत

माधवी जाधव ने नासिक के सरकारवाड़ी पुलिस स्टेशन में गिरीश महाजन के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। इस घटना के बाद मामला और गरमाया हुआ है और अब देखना होगा कि आगे क्या विकास होते हैं।

नासिक का गणतंत्र दिवस कार्यक्रम इस विवाद के बाद चर्चा में आ गया है, और यह मामला राज्य की सियासत में एक नया मोड़ लेता दिख रहा है।

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