
यूट्यूब के एक बेहद उपयोगी फीचर का इस्तेमाल भविष्य में केवल प्रीमियम सब्सक्रिप्शन लेने वाले यूजर्स तक सीमित हो सकता है। रेडिट पर सामने आए एक पोस्ट के अनुसार, आने वाले समय में प्लेबैक स्पीड फीचर का इस्तेमाल करने के लिए पैसे खर्च करने पड़ सकते हैं।
प्लेबैक स्पीड फीचर क्या है?
आज के समय में लोग लंबे वीडियो को तेज़ गति से देखकर समय बचाना पसंद करते हैं। यही सुविधा यूट्यूब का प्लेबैक स्पीड फीचर प्रदान करता है। इसके जरिए वीडियो को सामान्य गति से तेज़ या धीमी गति में देखा जा सकता है। इस फीचर का उपयोग बड़ी संख्या में यूजर्स कर रहे हैं।
यूट्यूब का एक्सपेरिमेंट
रेडिट पर मिली जानकारी के अनुसार, यूट्यूब इस फीचर पर फिलहाल एक टेस्ट कर रहा है। यूजर्स को दो ग्रुप्स में बांटा गया है।
ग्रुप A: यूजर्स को यह फीचर मुफ्त में उपलब्ध है।
ग्रुप B: यूजर्स के लिए प्लेबैक स्पीड लॉक है और इसे इस्तेमाल करने के लिए प्रीमियम सब्सक्रिप्शन लेना आवश्यक है।
कुछ यूजर्स ने बताया कि उनके एक अकाउंट पर फीचर मुफ्त है, जबकि दूसरे अकाउंट पर इसके लिए पैसे मांगे जा रहे हैं। यही वजह है कि यूट्यूब की यह टेस्टिंग अब चर्चा में है।
फ्री यूजर्स की मुश्किलें बढ़ रही हैं
यूट्यूब पिछले समय से फ्री यूजर्स को प्रीमियम सब्सक्रिप्शन लेने के लिए प्रेरित कर रहा है। समय-समय पर फ्री फीचर्स को प्रीमियम प्लान में शामिल किया जाता रहा है। फिलहाल, एक यूजर के लिए मंथली यूट्यूब प्रीमियम की कीमत 149 रुपये प्रति माह है।
क्या आपको प्रीमियम लेना पड़ेगा?
NBT के अनुसार, सबसे पहले यह देखना जरूरी है कि आप इस टेस्टिंग में शामिल हैं या नहीं। अगर आप ग्रुप A में हैं और प्लेबैक स्पीड फीचर का इस्तेमाल कर पा रहे हैं, तो फिलहाल कोई कदम उठाने की जरूरत नहीं है।
लेकिन यदि आप ग्रुप B में हैं और यह फीचर आपके लिए महत्वपूर्ण है, तो भविष्य में इसे इस्तेमाल करने के लिए यूट्यूब प्रीमियम सब्सक्रिप्शन लेना पड़ सकता है।
यूट्यूब की इस टेस्टिंग का मकसद फ्री यूजर्स को प्रीमियम सेवाओं की ओर आकर्षित करना है, लेकिन अंतिम निर्णय फीचर को फ्री रखने या चार्ज करने का यूट्यूब के परिणामों पर निर्भर करेगा।