
बरेली: IIT बीएचयू से इंजीनियरिंग और लॉ की पढ़ाई पूरी करने वाले 2019 बैच के PCS अफसर अलंकार अग्निहोत्री ने बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने यह कदम विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के नए एक्ट और प्रशासनिक स्तर पर हुई कुछ घटनाओं के विरोध में उठाया है।
अलंकार अग्निहोत्री ने यूपीपीएससी पीसीएस परीक्षा 2019 में पहले अटेम्प्ट में ही 15वीं रैंक हासिल की थी। कानपुर निवासी अलंकार ने बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (IIT BHU) से बीटेक और एलएलबी की डिग्री प्राप्त की है। उन्होंने अपनी सेवा के दौरान कई जिलों में डिप्टी कलेक्टर और असिस्टेंट म्युनिसिपल कमिश्नर के रूप में काम किया है।
अलंकार ने अपने इस्तीफे की वजह के रूप में UGC के नए इक्वलिटी एक्ट और प्रयागराज माघ मेले में शंकराचार्य के शिष्यों के कथित दुर्व्यवहार का हवाला दिया। उन्होंने फेसबुक पर भी इस मामले पर अपनी आपत्ति जताई थी। अपने इस्तीफे में उन्होंने लिखा,
“मैं वर्तमान में सिटी मजिस्ट्रेट, बरेली के रूप में जनपद बरेली में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। UGC के नए कानून और हाल की घटनाओं के चलते मैंने यह निर्णय लिया है।”
UGC के नए कानून की खास बातें:
15 जनवरी 2026 से लागू हुए UGC के ‘उच्च शिक्षण संस्थानों में समानता को बढ़ावा देने के नियम 2026’ के तहत कॉलेज और विश्वविद्यालयों में जातिगत भेदभाव रोकने की दिशा में कई कदम उठाए गए हैं। नए रेगुलेशन के अनुसार:
एससी, एसटी, ओबीसी, महिलाओं और दिव्यांग वर्ग को समानता समिति में शामिल किया गया।
यह समिति हर छह महीने में रिपोर्ट तैयार करके UGC को भेजेगी।
उद्देश्य उच्च शिक्षा संस्थानों में समानता और न्याय सुनिश्चित करना है।
अलंकार अग्निहोत्री का इस्तीफा इस बात का संकेत है कि नए नियमों के विरोध में प्रशासनिक स्तर पर भी प्रतिक्रियाएँ सामने आ रही हैं।