
नई दिल्ली।
संसद के बजट सत्र की शुरुआत से एक दिन पहले मंगलवार को एक सर्वदलीय बैठक आयोजित की गई, जिसमें लोकसभा और राज्यसभा के आगामी विधायी कार्यों तथा सत्र के दौरान उठाए जाने वाले प्रमुख विषयों पर चर्चा हुई। बैठक में सरकार की ओर से रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू उपस्थित रहे।
बैठक में कांग्रेस के जयराम रमेश और लोकसभा में पार्टी के मुख्य सचेतक कोडिकुनिल सुरेश, तृणमूल कांग्रेस की सागरिका घोष, समाजवादी पार्टी के राम गोपाल यादव, द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (द्रमुक) के टी. आर. बालू सहित विभिन्न दलों के नेताओं ने भाग लिया।
कांग्रेस ने उठाया विधायी एजेंडे का मुद्दा
बैठक के बाद संवाददाताओं से बातचीत में कोडिकुनिल सुरेश ने कहा कि सर्वदलीय बैठक में कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने सरकार द्वारा लाए जाने वाले विधेयकों को लेकर स्पष्ट विधायी एजेंडा न होने पर सवाल उठाए। उन्होंने बताया कि इस पर केंद्रीय मंत्रियों ने आश्वासन दिया कि विधायी एजेंडा बाद में साझा किया जाएगा।
28 जनवरी से शुरू होगा बजट सत्र
संसद का बजट सत्र 28 जनवरी से 2 अप्रैल तक चलेगा। सत्र की शुरुआत लोकसभा और राज्यसभा की संयुक्त बैठक में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण से होगी। इसके बाद राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा की जाएगी।
1 फरवरी को पेश होगा आम बजट
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण एक फरवरी को संसद में आर्थिक सर्वेक्षण और आम बजट पेश करेंगी। इस वर्ष एक फरवरी रविवार होने के बावजूद बजट पेश करने की परंपरा बरकरार रखी गई है।
बजट सत्र का पहला चरण 13 फरवरी तक चलेगा, जिसमें राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव को पारित किया जाएगा और आम बजट पर चर्चा होगी।
दो चरणों में चलेगा सत्र
बजट सत्र का दूसरा चरण 9 मार्च से शुरू होकर 2 अप्रैल तक चलेगा। इस दौरान विभिन्न विधेयकों और अन्य संसदीय कार्यों पर चर्चा की जाएगी।