
इस्लामाबाद/अबू धाबी: संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने भारत के साथ हाल ही में रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसके बाद पाकिस्तान की चिंता बढ़ गई है। इसी बीच यूएई ने इस्लामाबाद इंटरनैशनल एयरपोर्ट डील को रद्द कर दिया, जिससे पाकिस्तानी नेतृत्व में हड़कंप मच गया।
पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी सोमवार को अचानक 4 दिवसीय दौरे पर अबू धाबी पहुंचे। उनके साथ गृहमंत्री मोहसिन नकवी भी हैं। पाकिस्तानी मीडिया के अनुसार, इस दौरे में जरदारी और उनकी टीम व्यापार, अर्थव्यवस्था, रक्षा और सुरक्षा सहयोग पर चर्चा करेंगे।
विश्लेषकों का कहना है कि पाकिस्तान यूएई और अन्य खाड़ी देशों के साथ अपने संबंधों को सुरक्षा के नाम पर बढ़ाना चाहता है और डॉलर हासिल करने की तैयारी में है। हालांकि, यूएई ने स्पष्ट कर दिया है कि वह अब पाकिस्तान की ओर कम ध्यान देगा और भारत के साथ अपनी दोस्ती और रक्षा साझेदारी को प्राथमिकता देगा।
पाकिस्तान और सऊदी अरब के बीच हालिया डिफेंस समझौते और इस्लामिक नाटो बनाने की पहल को भी यूएई ने सतर्कता से देखा है। इसके चलते यूएई ने पाकिस्तान को बड़ा झटका देते हुए इस्लामाबाद एयरपोर्ट डील से खुद को अलग कर लिया। यूएई और पाकिस्तान के बीच इस परियोजना पर बातचीत अगस्त 2025 से चल रही थी।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह कदम पाकिस्तान के लिए क्षेत्रीय कूटनीति में बड़ा नुकसान है, क्योंकि यूएई उसके तीसरे सबसे बड़े व्यापारिक और निवेश साझेदार देशों में शामिल है। अब पाकिस्तान के लिए खाड़ी देशों में अपनी पकड़ बनाए रखना चुनौतीपूर्ण हो गया है।