
गाजियाबाद: गाजियाबाद के इंदिरापुरम क्षेत्र में विकास कार्यों के नाम पर हो रही लापरवाही स्थानीय निवासियों के लिए खतरनाक साबित हो रही है। यहां की पहचान अब खुले नाले, मलबे के ढेर और महीनों से खुदी हुई सड़कें बन चुकी हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि विकास जरूरी है, लेकिन बुनियादी सुरक्षा उपायों की अनदेखी चिंता का विषय बन गई है। सड़क किनारे मलबा और खुले नाले बिना बैरिकेड, चेतावनी बोर्ड या रिफ्लेक्टिव टेप के बने हुए हैं। रात के समय इन मार्गों से गुजरना खतरे से खाली नहीं है।
इंदिरापुरम के अभय खंड, न्याय खंड-1, शहीद कैप्टन मनोज पांडे रोड, अहिंसा खंड, दिव्यांश प्रथम और साया जेनिथ सोसायटी में नाला निर्माण और मरम्मत का काम चल रहा है। स्थानीय निवासी बताते हैं कि सड़कें संकरी हैं और कई जगह प्रवेश एवं निकास मार्ग लगभग बंद हो चुके हैं।
हादसों का खतरा:
साया जेनिथ सोसायटी के प्रीतम कोठारिया और दिव्यांश प्रथम के सचिव कपिल त्यागी ने बताया कि पहले भी बाइक सवार खुली नाली में गिर चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस सुरक्षा इंतजाम नहीं किए गए। फेडरेशन ऑफ ओनर्स असोसिएशन के अध्यक्ष दीपक कुमार कहते हैं कि विकास जरूरी है, लेकिन बिना सुरक्षा के यह गंभीर खतरा है।
खतरे के क्षेत्र:
न्याय खंड-1 में साई मंदिर से शुक्र बाजार तक की मुख्य सड़क पर मलबा और खुला नाला बना है। न्याय खंड-3 में लोग सीढ़ियों का सहारा लेकर जोखिम भरे रास्तों से गुजरते हैं। शहीद कैप्टन मनोज पांडे रोड, सीआईएसएफ रोड शिप्रा सिटी, जयपुरिया मॉल रोड, नीति खंड-2 और स्वर्ण जयंती पार्क रोड की हालत भी चिंताजनक है।
नगर निगम की प्रतिक्रिया:
नगर निगम वसुंधरा जोन के अधिकारियों का कहना है कि कुछ क्षेत्रों में बैरिकेड और सुरक्षा उपाय लगाए गए हैं। जलकल विभाग के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर मयंक मिश्रा ने बताया कि सीवर लाइन का काम केवल सेंट टेरेसा स्कूल के सामने चल रहा है, जहां सुरक्षा का ध्यान रखा गया है। वहीं अन्य निर्माण कार्यों में जगह-जगह सुरक्षा बढ़ाने की प्रक्रिया जारी है।
स्थानीय व्यापारी किशोर ठाकुर ने कहा, “सड़क मरम्मत का काम अनिवार्य था, लेकिन सुरक्षा की उचित व्यवस्था नहीं होने से लोगों को रोजाना परेशानी हो रही है।”
इंदिरापुरम के निवासियों की मांग है कि नगर निगम तत्काल प्रभाव से सुरक्षा उपाय बढ़ाए, ताकि बड़े हादसों से बचा जा सके।