
लंदन: ब्रिटेन में एक अनोखी घटना ने इंटरनेट को हिला दिया है। सरकारी उद्देश्य से युवाओं को चरमपंथ से दूर रखने के लिए बनाई गई AI कैरेक्टर अमेलिया अब सोशल मीडिया पर विवाद और नफरत के प्रतीक के रूप में वायरल हो रही है।
कौन है अमेलिया?
अमेलिया को “पाथवेज: नेविगेटिंग द इंटरनेट एंड एक्सट्रीमिज्म” नामक एजुकेशनल गेम में शामिल किया गया था। इस गेम को ब्रिटिश गृह मंत्रालय द्वारा 13-18 साल के युवाओं को चरमपंथ की तरफ झुकाव से बचाने के लिए बनाया गया था। गेम में युवाओं को अमेलिया और अन्य कैरेक्टर्स के माध्यम से सही निर्णय लेने की शिक्षा दी जाती थी।
हालांकि अब इंटरनेट पर अमेलिया का इस्तेमाल नफरत और नस्लवादी प्रोपेगेंडा फैलाने के लिए किया जा रहा है। X जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर ऐसे वीडियो मिल रहे हैं, जिसमें अमेलिया प्रवासियों के खिलाफ नफरती भाषा बोलती दिखाई देती है।
नफरती मीम्स का बवाला:
ब्रिटेन में अमेलिया से जुड़े मीम्स की बाढ़ आ गई है। रिपोर्ट के अनुसार, 9 जनवरी को एक अनाम अकाउंट से शुरू हुए पोस्ट को 14 लाख से ज्यादा बार देखा गया। पहले रोजाना लगभग 500 पोस्ट होती थीं, जो अब बढ़कर 15 जनवरी के बाद 10,000 पोस्ट रोजाना हो गई हैं। इतना ही नहीं, अमेलिया के नाम पर एक क्रिप्टोकरेंसी भी शुरू हो गई है, जिसे एलन मस्क के एक पोस्ट ने और बढ़ावा दिया।
एक्सपर्ट्स की चिंता:
गेम बनाने वाली कंपनी “Shout Out UK” के सीईओ मैटेओ बर्गामिनी का कहना है कि इस मामले को नफरत को मुनाफे में बदलने की मिसाल माना जा सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि अमेलिया युवाओं को आकर्षित कर रही है, जो दिखाता है कि AI का इस्तेमाल भविष्य में सुरक्षा और नैतिकता से जुड़े गंभीर चुनौतियां पैदा कर सकता है।
ब्रिटेन का यह मामला इंटरनेट और AI की दुनिया में नए सवाल खड़े कर रहा है कि कैसे तकनीक, अच्छे इरादों के बावजूद, नकारात्मक दिशा में फैल सकती है।