
नई दिल्ली: गणतंत्र दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति भवन में आयोजित ‘एट होम’ रिसेप्शन इस बार पूर्वोत्तर भारत की रंगीन संस्कृति को समर्पित था। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने इस कार्यक्रम की मेजबानी की और मेहमानों का गर्मजोशी से स्वागत किया।
अमृत उद्यान की सेंट्रल गार्डन में पूर्वोत्तर की समृद्ध बुनकर परंपराओं, पॉटरी और बांस शिल्प से सजावट की गई थी। मेहमानों के लिए अरुणाचल, असम, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नगालैंड, सिक्किम और त्रिपुरा की हस्तशिल्प कला के अनूठे नमूने भी प्रस्तुत किए गए।
कार्यक्रम में पूर्वोत्तर के कलाकारों ने अपनी पारंपरिक प्रस्तुतियों से समां बांधा। अरुणाचल के ‘रिखंपदा’, असम का ‘बिहु’, मणिपुर का ‘बसंत रास’, मेघालय का ‘चाड चो क्बा’, मिजोरम का ‘चेरॉ’, नगालैंड का ‘नजांता’, सिक्किम का ‘कुंग खुआंग गो’ और त्रिपुरा का ‘होजागिरी’ नृत्य उपस्थितों को मंत्रमुग्ध कर गया।
हाई-टी मेन्यू में भी पूर्वोत्तर के खास व्यंजन शामिल थे। थुप्का सूप, वेज मोमो, मणिपुर का पकनम, मिजोरम और मणिपुर के केले के पकौड़े ‘लाफू थारो बोरा’ और मेघालय का राइस केक ‘पुमालोई’ मेहमानों को खूब भाया।
समारोह का समापन पूर्वोत्तर के आठों राज्यों के कलाकारों के विशेष बैंड की लोक संगीत प्रस्तुति से हुआ, जिसने गणतंत्र दिवस की इस स्मरणीय शाम को और भी खास बना दिया।