
हाथरस। उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान बड़ा विवाद सामने आया है। कांग्रेस के जिला अध्यक्ष विवेक उपाध्याय की माता का नाम बिना सूचना या सत्यापन के मतदाता सूची से हटा दिया गया। इस घटना ने स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं और राजनीतिक विवाद को जन्म दिया है।
कांग्रेस नेता का आरोप
शिकोहाबाद क्षेत्र, सासनी तहसील के गांव बाधनु निवासी विवेक उपाध्याय ने आरोप लगाया कि उनकी माता का नाम पूरी तरह से बिना नोटिस, भौतिक सत्यापन या सहमति के काट दिया गया। उन्होंने इसे भारत के लोकतंत्र पर बड़ा हमला करार दिया।
विवेक उपाध्याय ने कहा, “यदि SIR प्रक्रिया में एक बड़े राजनीतिक दल के जिला अध्यक्ष के परिवार का वोट सुरक्षित नहीं है, तो आम जनता और कमजोर वर्ग के मतदाताओं का क्या होगा?” उन्होंने चेतावनी दी कि यदि यह तकनीकी चूक नहीं, बल्कि जानबूझकर की गई कार्रवाई है, तो जिम्मेदार BLO के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाए। साथ ही उन्होंने मांग की कि काटे गए नाम तुरंत बहाल किए जाएं, अन्यथा कांग्रेस सड़कों पर आंदोलन करेगी।
प्रशासन का बयान
मामले में एसडीएम सासनी नीरज शर्मा ने कहा कि मामले की जांच चल रही है। जिन मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं, उनके लिए फॉर्म 6 उपलब्ध कराया गया है। सत्यापन के बाद उनके नाम मतदाता सूची में दोबारा जोड़ दिए जाएंगे। प्रशासन ने दावा किया कि प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी है और गलती से हटाए गए नामों को बहाल करने की व्यवस्था मौजूद है।
इस घटना ने SIR प्रक्रिया की पारदर्शिता और प्रशासनिक जवाबदेही पर नए सवाल खड़े कर दिए हैं। राजनीतिक दलों के बीच यह मुद्दा और अधिक गरमाता जा सकता है।