Saturday, January 24

उत्तराखंड में भारी बर्फबारी का अलर्ट, 12 जिलों के स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्रों में अवकाश

देहरादून: उत्तराखंड में मौसम ने अचानक करवट ली है। प्रदेश के कई हिस्सों में लगातार बारिश और बर्फबारी से आम जनता को राहत मिली है, लेकिन ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हिमस्खलन का खतरा बढ़ गया है। डीजीआरआई चंडीगढ़ ने पांच जिलों में हिमस्खलन की चेतावनी जारी की है।

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मौसम विज्ञान केंद्र, देहरादून और एनडीएमए ने शनिवार के लिए देहरादून में कहीं-कहीं भारी बारिश, गर्जन के साथ आकाशीय बिजली और हल्की बर्फबारी की संभावना जताई है। इसके मद्देनजर ऑरेंज अलर्ट भी जारी किया गया है।

स्कूलों में छुट्टी का ऐलान
मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए प्रदेश के 12 जिलों — देहरादून, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, पौड़ी, टिहरी, अल्मोड़ा, बागेश्वर, पिथौरागढ़, चंपावत, नैनीताल और उधम सिंह नगर — में स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्रों में आज अवकाश रहेगा।

नई टिहरी में जनजीवन प्रभावित
नई टिहरी में शुक्रवार को भारी बर्फबारी से बिजली आपूर्ति बाधित रही और जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में वाहन जाम हो गए, बिजली के तारों पर बर्फ जम गई और पेड़ गिरने से विद्युत लाइनों को नुकसान पहुंचा। जिलाधिकारी को अपने कार्यालय से आवास तक पैदल जाना पड़ा।

उत्तरकाशी में सिलक्यारा सुरंग से पहली बार जिलाधिकारी का काफिला गुजरा
उत्तरकाशी के जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने यमुना घाटी के नंदगांव में ग्रामीणों की समस्याएं सुनने के लिए शनिवार को सिलक्यारा सुरंग का उपयोग किया। निर्माणाधीन इस सुरंग से गुजरने में वाहन को केवल 17 मिनट का समय लगा।

बर्फबारी के बीच शादी का उत्साह
त्रिजुगीनारायण में भारी बर्फबारी के बीच सात जोड़ों ने शादी की। पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र और उत्तराखंड के विभिन्न जिलों के जोड़े बर्फ के बीच सात फेरे लेकर एक-दूसरे से बंधे। वहीं, गैरसैंण में बर्फबारी के कारण बारातियों को 21 किलोमीटर पैदल चलना पड़ा।

हिमस्खलन की चेतावनी और सुरक्षा निर्देश
डीजीआरआई चंडीगढ़ ने उत्तराखंड के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में हिमस्खलन का खतरा बताया है। विशेष रूप से उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग और पिथौरागढ़ को डेंजर लेवल 3 और बागेश्वर को डेंजर लेवल 2 में रखा गया है। आपदा प्रबंधन सचिव विनोद कुमार सुमन ने प्रशासन, पुलिस और अन्य विभागों को अलर्ट मोड में रहने के निर्देश दिए हैं।

उन्होंने लोगों, पर्यटकों और तीर्थ यात्रियों से अनावश्यक यात्रा न करने की अपील की है। उच्च हिमालयी और बर्फीले क्षेत्रों में केवल अत्यंत आवश्यक होने पर ही यात्रा करने की हिदायत दी गई है। साथ ही, ढलानों और पुराने हिमस्खलन क्षेत्रों से दूरी बनाए रखने और भवनों की छत से सुरक्षित तरीके से बर्फ हटाने के निर्देश भी दिए गए हैं।

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