
मुंबई: महाराष्ट्र में मंत्री भरत गोगावले के पुत्र विकास गोगावले ने बॉम्बे हाईकोर्ट की कड़ी फटकार के बाद पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। महाराष्ट्र सरकार ने हाईकोर्ट को इसकी जानकारी दी।
बॉम्बे हाईकोर्ट ने अग्रिम जमानत याचिका की सुनवाई के दौरान कहा था कि आरोपी पहले पुलिस के सामने सरेंडर करे। जस्टिस माधव जामदार ने सवाल उठाया था कि क्या राज्य में कानून का राज कायम है, और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस इतने बेबस हैं कि अपने मंत्री के बेटे के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर सकते।
मामला क्या था
इस मामले की पृष्ठभूमि 2 दिसंबर, 2025 की है। रायगढ़ जिले के महाड नगर परिषद चुनावों के दौरान शिवसेना (एकनाथ शिंदे गुट) और NCP (अजित पवार गुट) समर्थकों के बीच झड़प हुई। इस झड़प के सिलसिले में क्रॉस-FIR दर्ज की गई।
विकास गोगावले और उनके चचेरे भाई महेश गोगावले सहित सभी आरोपियों ने महाड पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया। इसी प्रकार, पूर्व विधायक माणिक जगताप के बेटे और NCP नेता श्रेयांश जगताप को भी पुलिस को गिरफ्तार करना होगा।
कौन हैं विकास गोगावले
विकास गोगावले शिवसेना नेता भरत गोगावले के पुत्र हैं। उनकी पत्नी का नाम साधना गोगावले है। विकास ने जुलाई 2022 में राजनीति में प्रवेश किया। वे वर्तमान में युवा सेना (कोंकण डिवीजन) के सेक्रेटरी और महाराष्ट्र स्टेट युवा सेना एग्जीक्यूटिव कमेटी के मेंबर के रूप में काम कर रहे हैं।
उनके पिता भरत गोगावले रायगढ़ जिले की महाड विधानसभा क्षेत्र से चार बार जीत चुके हैं और इस क्षेत्र में गोगावले परिवार का राजनीतिक प्रभाव काफी मजबूत है। विकास खुद लोकल बॉडी चुनाव में उम्मीदवार रह चुके हैं।
हाईकोर्ट ने क्या कहा
हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि पूर्व मंत्री के बेटे होने का कोई विशेषाधिकार नहीं है। अपराध गंभीर है, इसलिए अग्रिम जमानत देने का पक्ष नहीं है। कोर्ट ने कहा कि कानून सबके लिए समान रूप से लागू होता है, और सभी आरोपियों को कानून के अनुसार कार्रवाई का सामना करना होगा।