Saturday, January 24

21 किलोमीटर लंबी वाटर टनल बुझाएगी मुंबई की प्यास, येवई-काशेली प्रोजेक्ट को ग्रीन सिग्नल

मुंबई: बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) ने मुंबई की पानी की सप्लाई मजबूत करने के लिए महत्वाकांक्षी 21 किलोमीटर लंबी वाटर टनल परियोजना को पर्यावरणीय मंजूरी दिला लिया है। यह टनल ठाणे में येवई और काशेली को पूर्वी उपनगरों में मुलुंड से जोड़ेगी और शहर की बढ़ती पानी की मांग को पूरा करने में अहम भूमिका निभाएगी।

This slideshow requires JavaScript.

बीएमसी के अनुसार, परियोजना का कुल खर्च लगभग 4,500 करोड़ रुपये आएगा और इसे दो चरणों में पूरा किया जाएगा। यह प्रोजेक्ट न केवल पानी की आपूर्ति बढ़ाएगा, बल्कि मुंबई-नासिक हाईवे के विस्तार में भी सहायक होगा।

परियोजना की मुख्य बातें

  • येवाई-काशेली सुरंग की लंबाई 14 किलोमीटर, काशेली-मुलुंड सुरंग 7 किलोमीटर होगी।

  • टनल की गहराई 110-180 मीटर और व्यास 5.3 मीटर होगा।

  • निर्माण में टनल बोरिंग मशीन (TBM) का उपयोग किया जाएगा।

  • पुराने पाइपलाइनों की जगह लेने वाली यह टनल पूर्वी उपनगरों को बेहतर जल आपूर्ति सुनिश्चित करेगी।

बीएमसी ने मार्च 2024 में इस परियोजना के लिए टेंडर जारी किए थे। निर्माण के दौरान येवाई मास्टर बैलेंसिंग रिजर्वॉयर (YMBR) से भिवंडी के काशेली तक टनल बनाई जाएगी।

भविष्य की योजना

बीएमसी शहर की पानी की आपूर्ति को और मजबूत करने के लिए अन्य टनल प्रोजेक्ट्स पर भी विचार कर रही है, जिनमें शामिल हैं:

  • मारोल और माहिम, मालाबार हिल और क्रॉस मैदान के बीच लिंक

  • वेरावली और यारी रोड के बीच संभावित कनेक्शन

  • गुंडावली और भांडुप कॉम्प्लेक्स के बीच नई टनलें

  • छोटी टनलें पवई, वेरावली और घाटकोपर को जोड़ेंगी

इस परियोजना से मुंबई के पूर्वी उपनगरों को सतत और पर्याप्त जल आपूर्ति मिलेगी और शहर के पानी के वितरण नेटवर्क को आधुनिक बनाया जाएगा।

Leave a Reply